
नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के माटुंगा रेलवे स्टेशन के बारे में आप ये तो जानते ही होंगे कि यह पूर्ण रूप से महिलाओं द्वारा संचालित किया जाता है। माटुंगा रेलवे स्टेशन पर काम करने वाले प्रत्येक स्टाफ एक महिला ही है। इससे पहले तक तो आपने सिर्फ महिला स्पेशल ऑटो, टैक्सी और बसों के बारे में ही सुना होगा। लेकिन किसी रेलवे स्टेशन को पूर्ण रूप से महिलाओं द्वारा संचालित करने का ये पहला मामला है। सरकार ने देश में महिलाओं को समान अधिकार देने के लिए काफी काम किए हैं, जिनमें से एक ये काम भी है।
माटुंगा रेलवे स्टेशन पर वैसे तो काफी समय से ही महिला स्टाफ की नियुक्तियां होती रही थीं। लेकिन 12 जुलाई 2017 को इसे आधिकारिक तौर पर महिला स्पेशल का तमगा मिल गया। हालांकि अभी भी देश में ऐसे करोड़ों लोग होंगे जिन्हें इस रेलवे स्टेशन की खासियत पता नहीं होगी। बता दें कि माटुंगा रेलवे स्टेशन महिलाओं द्वारा ए से लेकर ज़ेड तक सभी प्रकार के रख-रखाव में रहता है। इसके लिए भारत का यह रेलवे स्टेशन 2018 के लिमका बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी अपना नाम दर्ज करा चुका है।
लेकिन कई बार इस रेलवे स्टेशन पर कुछ ऐसा भी होता है, जिसे नियंत्रण में करना रेलवे स्टेशन के महिला स्टाफ के लिए काफी मुश्किल हो जाता है। रात में काम के दौरान कई बार महिला स्टाफ को खतरनाक परिस्थितियों से गुज़रना पड़ता है। लेकिन इस रेलवे स्टेशन की महिलाओं ने कभी भी बुरे हालातों से हार नहीं मानीं और सभी मुसीबतों का तोड़ निकाल लिया। खास बात ये है कि यहां की महिला कर्मचारी बदमाश प्रवृत्ति के पुरुषों को भी बड़ी ही आसानी से हैंडल कर लेती हैं।
स्टेशन पर काम करने वाली एक कर्मचारी ने बताया कि रात के समय कई बार नशे में धुत्त पुरुष ट्रेनों में यात्रा के दौरान महिलाओं के साथ छेड़खानी करते हैं। जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी की अक्ल ठिकाने लगा दी जाती है।
Published on:
16 Feb 2018 01:34 pm
बड़ी खबरें
View Allविविध भारत
ट्रेंडिंग
