
#MeToo के जरिए आरोप लगाने वाली महिलाओं के साथ महिला आयोग, कहा- शिकायत करो, हम करेंगे मदद
नई दिल्ली: 'मी टू' आंदोलन के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शिकायतों के अंबार पर राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्लू) ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। बुधवार को एनसीडब्लू ने पीड़ित महिलाओं से शिकायत दर्ज कराने की अपील की और सभी प्रकार की मदद का भरोसा दिया। एनसीडब्लू ने एक बयान में कहा कि हमने पाया है कि कई मामलों में पीड़िताओं ने कथित आरोपियों के नाम और शर्म के कारण आगे नहीं आई और केवल औपचारिक शिकायतें दर्ज कराईं। ऐसे मामलों में आयोग उनसे आग्रह करता है कि वे एनसीडब्लू समेत संबंधित अधिकारियों के समक्ष लिखित शिकायतें दर्ज कराएं।
महिलाओं के दोषियों को सजा देना जरुरी : आयोग
राष्ट्रीय महिला आयोग से जब सवाल हुआ कि अभी तक कितनी महिलाओं ने आयोग से संपर्क किया है? इस सवाल पर चुप्पी बरकरार रखते हुए आयोग ने कहा कि चुप्पी की प्रचलित संस्कृति ने महिलाओं को लंबे समय से बोलने और ऐसे मामले दर्ज कराने से रोका है। आयोग ने उन महिलाओं द्वारा दिखाई गई बहादुरी की सराहना की, जिन्होंने मुंह खोला और ऐसी घटनाओं के लिए आरोपियों को दंडित करने में मदद करने के लिए आगे आईं।
'महिलाओं की निजी जिंदगी में न हो दखल'
आयोग ने कहा कि एनसीडब्लू ऐसी सभी महिलाओं तक पहुंच बनाने का प्रयास कर रहा है, जो कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न की जानकारी के साथ आगे आई है और संस्था ने उन्हें सभी मदद की पेशकश की है। आयोग उन सभी महिलाओं की सभी संभावित मदद के लिए प्रतिबद्ध है, जो आगे आई हैं और उनके मामलों के तार्किक निष्कर्ष को देखा जा रहा है। एनसीडब्लू ने कहा कि उसने मीडिया में आए यौन उत्पीड़न के मामलों पर गंभीर संज्ञान लिया है और वह महिलाओं की निजी जिंदगी में किसी प्रकार के हस्तक्षेप की कड़ी निंदा करते हैं। आयोग ने कहा कि वह कार्यस्थलों समेत महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पावर में रहने वाले पुरुष करते हैं ऐसी हरकत : मेनका गांधी
वहीं दूसरी ओर केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने एक निजी टीवी चैनल से कहा कि यौन प्रताड़ना के आरोपों को गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि महिलायें इस मुद्दे पर बोलती नहीं हैं। उन्होंने कहा कि लेकिन जब कोई महिला इस मुद्दे पर बोलती है तो यह गंभीर बात होती है। उन्होंने कहा कि जो पुरुष अधिकार संपन्न (पावर) की स्थिति में होते हैं, वे अक्सर ऐसा करते हैं। यह बात मीडिया के साथ-साथ राजनीति और कंपनियों के उच्च पदों पर आसीन पुरुषों पर भी लागू होती है।
Published on:
10 Oct 2018 07:19 pm
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