
पुणे: अभी तक आपने हिंदुस्तान के कई डॉक्टरों की महान सर्जरी के बारे में सुना होगा, लेकिन कहना गलत नहीं होगा कि हिंदुस्तान के डॉक्टरों ने अभी तक की सबसे ज्यादा हैरान कर देने वाली सर्जरी को सफलतापूर्वक अपने अंजाम तक पहुंचाया है। जी हां, खबर महाराष्ट्र के पुणे से है, जहां पर 19 साल की एक लड़की को मानो नया जीवन ही मिल गया है।
सड़क हादसे में चले गए हाथ
दरअसल, श्रेया नाम की इस लड़की ने अपने दोनों हाथ एक सड़क हादसे में गंवा दिए थे, जिसके बाद श्रेया को एक लड़के के डोनेट किए हुए अपर आर्म (कोहनी के नीचे के हाथ) लगाए गए हैं, जिससे कि आने वाले दिनों में लड़की खुद अपने काम कर पाएगी।
13 घंटे तक 36 डॉक्टरों ने लड़ी जंग
श्रेया को नई जिंदगी देने का सबसे बड़ा श्रेय उन डॉक्टरों का है, जिन्होंने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया है। कोच्ची के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के डॉक्टरों ने ये ऑपरेशन किया। 13 घंटे तक चले इस ऑपरेशन को 20 सर्जन और 16 अन्य लोगों की टीम ने पूरा किया। यह एशिया का पहला ऐसा अपर आर्म ट्रांसप्लांट है जिसमें लड़की को लड़के के हाथ लगे हैं।
अब आगे की पढ़ाई पूरी करेगी श्रेया
सड़क हादसे में दोनों हाथ गंवाने के बाद श्रेया की जिंदगी खत्म सी हो गई थी। हादसे के बाद उसे अपना कॉलेज भी छोड़ना पड़ गया था। श्रेया के पिता टाटा मोटर्स में सीनियर मैनेजर के पद पर तैनात हैं। उन्होंने इस सबको एक चमत्कार जैसा बताया है। श्रेया के पिता बताते हैं कि उन्हें तो उम्मीद ही नहीं थी कि उनकी बेटी को नई जिंदगी भी मिल सकती है। वहीं दोनों हाथ मिल जाने के बाद अब परिवार को उम्मीद है कि श्रेया अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर पाएगी।
सचिन नाम के लड़के के हाथ से मिली जिंदगी
श्रेया को सचिन नाम के लड़के के अपर आर्म लगाए गए हैं। 20 साल के सचिन की एक बाइक एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। जिसके बाद उसके परिवार वालों ने ऑर्गन दान करने का मन बनाया। हालांकि, सचिन की मां इस बात के लिए राजी नहीं थीं। ऑपरेशन के बाद एक अखबार से बात करते हुए श्रेया ने बताया अगर आपके पास बहुत वक्त तक हाथ ना रहें तो नए हाथों का बोझ उठाना काफी भारी सा लगता है। लेकिन मेरे लिए यह ढेर सारी खुशी वाला पल है।
Published on:
29 Sept 2017 10:53 am
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