गुजरात के मुस्लिम स्कूल में गूंजते हैं श्लोक और वैदिक मंत्र

Chandra Prakash Chourasia

Publish: Jan, 30 2018 08:39:41 AM (IST)

इंडिया की अन्‍य खबरें
1/2

अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृहराज्य गुजरात के वडोदरा में मुस्लिमों द्वारा संचालित एक स्कूल ऐसा है, जहां उर्दू, अरबी या फारसी में पढ़ाई नहीं होती है, बल्कि यहां श्लोक और वैदिक मंत्र गूंजते हैं। इस अनोखे स्कूल में बच्चे संस्कृत में पढ़ाई करते हैं। खास बात यह है कि यहां लड़कियां भी संस्कृत में ही पढ़ाई कर रही हैं। मुस्लिम एजुकेशन सोसायटी (एमईएस) के इस स्कूल में सहशिक्षा की शुरुआत हाल ही में की गई है।


छात्रों को भी है संस्कृत से लगाव
यहां आने वाले छात्रों को भी संस्कृत से काफी लगाव है। 10वीं क्लास की एक छात्रा पठान उजमा बानो संस्कृत का शिक्षक बनने का सपना देखती है। उजमा के मुताबिक, संस्कृत से हमें अपने देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के बारे में पता चलता है। वेद पढऩे, श्लोक का उच्चारण करने और अपने इतिहास को समझने में आनंद आता है। वहीं एक और छात्र मोहम्मद ओसामा ने बताया कि उन्होंने 5वीं कक्षा से ही संस्कृत पढऩे की शुरुआत की थी।


146 ने चुना संस्कृत
इस बार क्लास 9 के 40 फीसदी से ज्यादा छात्रों ने संस्कृत विषय लिया है। कुल 348 छात्रों में से 146 ने संस्कृत चुना। 146 में से सिर्फ 6 हिंदू हैं बाकी मुस्लिम हैं। ज्यादातर छात्र 10वीं और 12वीं बोर्ड एग्जाम में भी संस्कृत रखेंगे।


मुस्लिम शिक्षक
यहां मुस्लिम शिक्षक ही संस्कृत पढ़ाते हैं। शिक्षक आबिद अली और मोइनुद्दीन 1998 से यहां पढ़ा रहे हैं। आबिद बताते हैं कि संस्कृत समर्पण के साथ पढ़ाई जाती है।


शुरुआत से ही संस्कृत
स्कूल के प्रिंसिपल एमएम मलिक ने बताया स्कूल की स्थापना से ही यहां संस्कृत पढ़ाई जाती है। 9वीं-10वीं में फारसी, उर्दू, अरबी-संस्कृत में एक भाषा चुननी होती है।

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned