
नई दिल्ली। भारत में सड़क हादसों में प्रतिवर्ष एक लाख 45 हजार लोगों की जान चली जाती है। जबकि हर साल सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। देश भर में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े की बात करें तो नागालैंड एक ऐसा राज्य है, जहां सड़क हादसों में सबसे अधिक मौत होती हैं। क्षेत्रीय परिवहन के एक अधिकारी के अनुसार पिछले दो वर्षों में नागालैंड में सड़क दुर्घटनाओं में 100 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। कोहिमा के वरिष्ठ जिला परिवहन अधिकारी याओंग्संगली चांग ने बताया कि देश में हर मिनट एक सड़क दुर्घटना होती है, जिनमें 5,25,600 बड़ी दुर्घटनाएं रिकॉर्ड की जाती हैं। इन दुर्घटनाओं में हर साल 1,48,920 लोगों की जान चली जाती हैं। यह बातें उन्होंने सोमवार को सड़क सुरक्षा जागरूकता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान कही।
2016 में 1,432 सड़क दुर्घटनाएं
एक रिपोर्ट के अनुसार 2016 से, नागालैंड में 1,432 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 122 लोगों की जान चली गई, जबकि 956 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों में होने वाली मौतों की संख्या में कमी लाने के लिए हमें जागरुकता का परिचय देना होगा, जिसमें दोपहिया वाहन सवारों को हेलमेट और चार पहिया वाले वाहनों पर सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करना होगा। इसके अलावा नियमित रूप से टायरों की जांच व गाड़ी के ब्रेक आदि की भी जांच करानी होगी। बता दें कि कोहिमा में यह वर्कशॉप क्षेत्रीय परिवहन विभाग की ओर से आयोजित की गई थी।
क्या कहती है एनसीआरबी की रिपोर्ट
बीते साल आई एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा मामले तमिलनाड़ु(69,059) में सामने आए थे इसके बाद कर्नाटक में (44,011), महाराष्ट्र (42,250) मध्यप्रदेश (40,859) और केरल में (39,014) इतने मामले सामने आए। इस सूची में तमिनाडु से पहले उत्तर प्रदेश का नाम भी शामिल है। इन हादसों का सबसे ज्यादा शिकार दो पहियां वाहन चलाने वाले लोग होते है।
Published on:
01 May 2018 01:30 pm
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