
नई दिल्ली: जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई-अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन की योजना का शिलान्यास किया है, तभी से इस योजना को लेकर सवाल उठे रहे हैं। हाल ही में रेलवे की तरफ से आरटीआई के जवाब में ये कहा गया था कि इस (मुंबई-अहमदाबाद) रूट पर ट्रेनों में 40 फीसदी सीटें खाली रहती हैं, जिसकी वजह से रेलवे को नुकसान होता है। आरटीआई में इस जवाब के बाद ये सवाल खड़ा हुआ था कि ऐसे में तो बुलेट ट्रेन घाटे का सौदा होगा। लेकिन अब रेलवे ने अपनी जानकारी से यू-टर्न मार लिया है। पश्चिमी रेलवे की तरफे मिले एक आरटीआई के जवाब में ये दावा किया गया है कि ये मुंबई-अहमदाबाद रूट घाटे का नहीं बल्कि मुनाफे का सौदा है। इस रूट पर 100 फीसदी टिकटों की बिक्री हो जाती है।
ये मिला आरटीआई में ताजा जवाब
रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रविंद्र भाखर ने आरटीआई के जवाब में कहा कि मुबंई से अहमदाबाद की 9 ट्रेनें हैं और 25 अन्य ट्रेनें वाया अहमदाबाद जाती है। इस सेक्टर से 233 करोड़ रुपए की आमदनी हुई है, जबकि 30 करोड़ रुपए का नुकसान। आरटीआई में जो सूचना दी गई है कि वो मुंबई सेंट्रल से अहमदाबाद तक की दी गई है। उन्होंने कहा कि दी गई जानकारी में बीच के सफर की जानकारी शामिल नहीं है। रूट में पड़ने वाले स्टेशनों, इन स्टेशनों से गंतव्य स्टेशन तक की जानकारी शामिल नहीं है। पश्चिम रेलवे ने ताजा जानकारी में बताया है कि रेलवे के सबसे व्यस्ततम रूट पर शत-प्रतिशत सीटों की बुकिंग होती है और ये मुनाफे में भी रहता है।
पहले बताया था रूट को घाटे का सौदा!
रेलवे की सफाई से पहले अनिल गलगली नाम के शख्स ने पश्चिम रेलवे से मुंबई-अहमदाबाद रूट की 1 जुलाई 2017 से 30 सितंबर 2017 तक की जानकारी मांगी थी और जो जानकारी मिली उसके मुताबिक, मुंबई-अहमदाबाद रूट पर 30 मेल एक्सप्रेस से 4,41,795 यात्रियों ने यात्रा की जबकि 7,35,630 सीट्स थीं। इसी तरह अहमदाबाद से मुंबई रूट पर 31 मेल एक्सप्रेस की सुविधा हैं जिससे 3,98,002 यात्रियों ने सफर किया जबकि असल में 7,06,446 सीट्स थीं। इस जानकारी के आधार पर मुंबई-अहमदाबाद रूट पर 40 फीसदी सीटें खाली रहती हैं।
रेलवे का स्पष्टीकरण
पश्चिम रेलवे ने बताया कि मुंबई-अहमदाबाद के बीच 9 सीधी ट्रेन चलती हैं, जबकि मुंबई से चलने वाली लगभग 25 ट्रेनें अहमदाबाद होकर आगे जाती हैं। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रविंद्र भाकर के अनुसार 1 जुलाई, 2017 से 30 सितंबर, 2017 (3 महीनों) तक इन 9 ट्रेनों की शायिका क्षमता (अर्थात बुकिंग हेतु उपलब्ध कुल शायिकाओं की संख्या) 8,03,150 थीं, जबकि 8,30,978 यात्रियों ने बुकिंग करवाई। सीधी ट्रेन सेवाओं के अतिरिक्त लंबी दूरी की 25 ट्रेनों में पिछले 3 महीनों में मुंबई-अहमदाबाद खंड की 10,70,719 शायिका क्षमता की तुलना में 12,30,585 यात्रियों ने बुकिंग करवाई। अर्थात इन ट्रेनों में 115 प्रतिशत अधिक बुकिंग रही।
Published on:
02 Nov 2017 11:23 am
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