28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

निर्भया केसः केंद्र सरकार का सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध, 7 दिन में दी जाए फांसी

Nirbhaya Case केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में की अपील दोषियों को बचाव के लिए मिले 7 दिन की समय सीमा कोर्ट तय तारीख पर फांसी के लिए करे बाध्य

less than 1 minute read
Google source verification

नई दिल्ली। दिल्ली में वर्ष 2012 में हुए निर्भया रेप ( Nirbhaya case ) केस में अब हर किसी की नजर चारों दोषियों की फांसी पर टिकी है। पटियाला हाउस कोर्ट ( Patiyala House Court ) एक बार फिर चारों दोषियों का 1 फरवरी का डेथ वारंट जारी कर चुका है। हालांकि इसके बाद भी दोषियों की ओर से बचाव को लेकर याचिका दायर की जा रही हैं जो फिलहाल खारिज कर दी गई हैं।

इस बीच जो बड़ी खबर सामने आ रही है वो ये कि केंद्र सरकार ने इस मामले में एक बड़ा कदम उठाया है। मौत की सजा पाए दोषियों को फांसी दिए जाने के लिए सात दिन की समय सीमा निर्धारित करने का सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है।

सनी देओल को लेकर बीजेपी ने लिया बड़ा फैसला, दी ये बड़ी जिम्मेदारी

केंद्र सरकार ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर की है। इस याचिका में कहा गया है कि दोषियों को डेथ वारंट जारी होने के बाद 7 दिन की समय सीमा ही मिले।

दिसंबर, २०१२ के निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले में दोषियों द्वारा पुनर्विचार याचिका, सुधारात्मक याचिका ओर दया याचिकाएं दायर करने की वजह से मौत की सजा के फैसले पर अमल में विलंब के मद्देनजर गृह मंत्रालय की यह याचिका काफी महत्वपूर्ण है।

चारों को फांसी पर लटकाने की नई तारीख 1 फरवरी सुबह 6 बजे मुकर्रर की गई है। अगर इसी बीच मुकेश के अलावा अन्य तीनों में से किसी ने दया याचिका डाल दी तो यह मामला फिर कुछ दिन के लिए आगे बढ़ सकता है। ऐसे में कानूनी जानकारों का कहना है कि फिर से फांसी के लिए संभवत: एक नई डेट दी जाएगी। चार दिन में इन्हें फांसी पर लटकाने के लिए एक और ट्रायल किया गया है।

Story Loader