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निर्भया केसः चारों दोषियों को एक साथ होगी फांसी, दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

Nirbhaya gangrape case में आया सबसे बड़ा फैसला चारों दोषियों को एक साथ ही दी जाएगी फांसी 2 फरवरी को कोर्ट ने सुरक्षित रखा था फैसला
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delhi gangrape

निर्भया गैंगरेप के चारों दोषी

नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप केस ( Nirbhaya Gangrape Case ) में दिल्ली हाईकोर्ट ( Delhi High Court ) बड़ा फैसला सुना दिया है। निर्भया गैंगरेप और मर्डर केस में चार दोषियों की फांसी पर रोक को चुनौती देने वाली केंद्र की याचिका पर फैसला सुनाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि अब चारों दोषियों को एक साथ ही फांसी दी जाएगी। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत ने शनिवार और रविवार को विशेष सुनवाई के बाद दो फरवरी को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।

आपको बता दें कि केंद्र और दिल्ली सरकार ने निचली अदालत के 31 जनवरी के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके जरिए मामले में चार दोषियों की फांसी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई थी। कोर्ट ने केंद्र इस याचिका को खारिज करते हुए फैसला दिया है कि चारों दोषियों को एक साथ ही फांसी दी आएगी।

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केंद्र सरकार ने इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि चारों दोषी जुडिशल सिस्टम का गलत फायदा उठा कर फांसी को डालने की कोशिश कर रहे हैं।

लिहाजा जिन दोषियों की दया याचिका खारिज हो चुकी है या किसी भी फोरम में उनकी कोई याचिका लंबित नही हैं, उनको फांसी पर लटकाया जाए। किसी एक दोषी की याचिका लंबित होने पर बाकी ३ दोषियों को फांसी से राहत नही दी जा सकती।

निर्भया के माता-पिता ने एक बार फिर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस दौरान उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि चारों दोषियों को एक साथ जल्द से जल्द फांसी दी जाए। निर्भया के माता-पिता का कहना है कि केस में जितनी जिरह और जांच होनी थी वो हो चुकी है। आरोपी अब सिर्फ कानून का इस्तेमाल कर इस मामले को आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं जो गलत है।

आपको बता दें कि चारों आरोपी फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं। अदालत ने 31 जनवरी को फांसी की सजा स्थगित कर दी क्योंकि दोषियों के वकील ने अपील की थी कि उनके लिए कानून के मार्ग अभी बंद नहीं हुए हैं।
मुकेश और विनय की दया याचिका राष्ट्रपति के पास खारिज हो चुकी है जबकि पवन ने यह याचिका अभी नहीं दाखिल की है।