नितिन गडकरी ने जताया अफसोस, कहा-राजमार्गों के किनारे पौधारोपण का काम बेहतर तरीके से नहीं हो रहा

आईआईटी तिरुपति द्वारा आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित कर केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे पेड़-पौधे लगाए जाने को लेकर अधिकारियों से सवाल किए।

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को अफसोस जताते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे पौधारोपण का काम बेहतर तरह से नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि जहां तक पेड़-पौधे लगाए जाने का संबंध है, एक भी राजमार्ग को दुरुस्त नहीं कहा जा सकता है।

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यह पूरी तरह से लापरवाही है

आईआईटी तिरुपति द्वारा आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित कर केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर सवाल उठाए कि कोई अधिकारी उन्हें ऐसा राजमार्ग नहीं दिखा सकता है जहां पर अच्छे से पेड़-पौधे लगे हों। यह पूरी तरह से लापरवाही है। कई अधिकारियों को इस तरफ ध्यान देने के लिए उन्होंने आग्रह किया है।

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गौरतलब है कि गडकरी को स्पष्ट रूप से अपनी बातें रखने के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि पहले से ही अनुबंध में पौधारोपण का प्रविधान रहा है। उन्हें विश्वास है कि एक मंत्री के रूप में जो भी उन्होंने देखा है, एक भी सड़क ऐसी नहीं है, जहां कहा जाए कि उसके आसपास पेड़-पौधे अच्छे से लगाए गए हैं।

राजमार्गों के किनारे पेड़ लगाए जाएं

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के अधिकारियों से हरित राजमार्ग नीति को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने के लिए इस क्षेत्र के विशेषज्ञों को शामिल करने को कहा है। उन्होंने कहा कि यह हरित राजमार्गों के विकास के लिए अहम है। इसे देश के पर्यावरण के लिए आवश्यक माना है। गडकरी ने बीते वर्ष अगस्त में राष्ट्रीय राजमार्गों पर पौधारोपण की निगरानी को लेकर मोबाइल एप 'हरित पथ' को भी जारी किया था।

एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम) मंत्रालय भी देख रहे गडकरी का कहना है कि नौकरशाही व्यवस्था नई प्रणालियों को स्वीकार नहीं करना चाहती। उन्होंने कहा कि हमें विचारों, नवाचार और अनुसंधान की जरूरत है। इसके साथ ही कहा कि कोलतार आयात करने की अनुमति देकर सरकार सड़क निर्माण की लागत कम कर सकती है।

Mohit Saxena
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