इन महिलाओं के पास अपनी कमाई को जमा करने के लिए बैंक खाते नहीं हैं और खाता खुलवाने के लिए जरूरी दस्तावेज भी नहीं हैं।
मुंबई। भारत के अंदर सेक्स वर्कर की लाइफ में कितनी चुनौतियां होती हैं वो उनसे बेहतर कौन जानता होगा। रोजाना उन्हें कई नई चुनौतियों से दो-दो हाथ होना पड़ता है और ऐसा इसलिए क्योंकि भारत के अंदर देह व्यापार अवैध है, लेकिन इसके बाद भी देश के कई इलाकों में ये धंधा चलता है। मुंबई से सटे कमाठीपुरा को भारत का दूसरा सबसे बड़ा रेड लाइट एरिया कहा जाता है। यहां पर करीब 5,000 सेक्स वर्कर महिलायें रहती हैं, जिन्हें इन दिनों एक नई तरह की परेशानी का सामना करना होता है। इन महिलाओं का कहना है कि भारत में सेक्स वर्क चूंकि अवैध है इसलिए उनके जीवन में तमाम तरह की समस्याएं हैं।
वेश्याओं के सामने बैंकिंग की समस्या हुई खड़ी
इन महिलाओं के पास अपनी पहचान के लिए कोई सबूत नहीं है। उनके पास उनके होने का कोई आधिकारिक कागज़ी सबूत नहीं है। इस बीच इन दिनों सेक्स वर्कस को बैंक की समस्या को लेकर नई परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, इन महिलाओं के पास अपनी कमाई का पैसा जमा कराने के लिए एक बैंक तक नहीं है। देश के अंदर बैंक तो खूब है, लेकिन ऐसा कोई बैंक नहीं जो इनकी कमाई को जमा कर सके। इनके इलाके में इकलौता एक बैंक था, वो भी अब बंद हो गया है। आलम ये है कि सभी 5000 महिलाओं का बैंक में खाता तक नहीं है।
बैंक में नहीं खुल रहे हैं खाते
सेक्स वर्करों का कहना है कि खाता खोलने के लिए बैंक वाले उनसे आधार कार्ड और अन्य कागज़ात मांगते तो हैं, लेकिन वो कागज़ात उनके पास हैं नहीं हैं। इस वजह से बैंकों की सेवाएं लेना इन महिलाओं के लिए हमेशा एक चुनौती रहा है। हालांकि कमाठीपुरा रेड लाइट इलाक़े में साल 2007 में एक सहकारी बैंक की स्थापना की गई थी ताकि सेक्स वर्कर महिलाओं की मदद की जा सके, लेकिन बीते साल फंडिंग की वजह से वो भी बंद हो चुका है।
कपड़े-बर्तन तक हो जाते हैं चोरी
एक अखबार की खबर के मुताबिक, एक सेक्स वर्कर का कहना है कि, "यहां रहने वाली महिलायें बैंकों में नहीं जाती हैं, कुछ महिलाएं बैंकों में गयी थीं तो उन्हें बैंक वालों ने बेइज़्ज़त करके वहां से भगा दिया। अब वो वहां जाने से बचती हैं, बैंक वाले उनसे स्थायी पता पूछते हैं और उसके सबूत लाने को कहते हैं। वो इन ग़रीब महिलाओं के पास हैं नहीं।" इसके अलावा अन्य महिलाओं का कहना था कि यहाँ से कपड़े और बर्तन तक चोरी हो जाते हैं तो खुले में पैसे कैसे रखे जा सकते हैं।