
Relatives statement near police (Photo- Patrika)
अंबिकापुर। एमसीबी जिले के पोड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम साजा पारा पोड़ी की रहने वाली एक गर्भवती महिला और उसके पेट में पल रहे बच्चे की इलाज के दौरान मौत (Mother-child died) हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस ने परिजनों का बयान लेकर जांच शुरू कर दी है।
एमसीबी जिले के ग्राम साजा पारा निवासी धर्मेंद्र सिंह का विवाह वर्ष 2017 में गीता सिंह (30 वर्ष) से हुआ था। गीता सिंह के पहले से 2 बच्चे हैं, जिनका जन्म सामान्य प्रसव (Mother-child died) से हुआ था। सोमवार को तीसरे बच्चे के लिए गीता सिंह को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद परिजन उसे पोड़ी अस्पताल लेकर पहुंचे।
वहां प्राथमिक जांच के बाद महिला की स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल बड़ा बाजार रेफर कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि जिला अस्पताल में प्रसूता को डिलीवरी वार्ड (Mother-child died) में भर्ती कर दिया गया था, जहां पुरुषों का प्रवेश वर्जित था।
पति का कहना है कि कुछ समय बाद अचानक उसकी पत्नी की तबीयत बिगड़ गई। उसे ऑक्सीजन पर रखा गया और हाथ-पैर ठंडे पडऩे लगे। इसके बाद देर रात करीब 1 बजे महिला को मेडिकल कॉलेज अस्पताल (Mother-child died) अंबिकापुर रेफर किया गया।
परिजन तडक़े करीब 3 बजे उसे लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने गीता सिंह और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को मृत घोषित (Mother-child died) कर दिया। परिजनों का कहना है कि जब वे महिला को पोड़ी अस्पताल लेकर पहुंचे थे, तब उसकी हालत सामान्य थी।
ऐसे में डिलीवरी वार्ड के अंदर ऐसा क्या हुआ, जिससे उसकी मौत हो गई, यह गंभीर सवाल खड़े करता है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए और मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
Published on:
20 Jan 2026 08:40 pm
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