विरोध: प्रकाश सिंह बादल के बाद सुखदेव सिंह ढींडसा भी लौटाएंगे पद्म विभूषण सम्मान

Highlights.

- किसानों के समर्थन में अवॉर्ड वापसी का दौर शुरू, बादल ने लौटाया पद्म भूषण सम्मान

- बादल ने 2015 में मिला पद्म विभूषण अवॉर्ड लौटा दिया है

- पद्मश्री परगट सिंह, पद्मश्री रेसलर करतार सिंह, अर्जुन अवॉर्डी हॉकी प्लेयर राजबीर कौर व बास्केटबॉल प्लेयर अर्जुन सिंह चीमा ने अवॉर्ड वापसी की घोषणा की

 

नई दिल्ली.

केंद्र सरकार के कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के समर्थन में अवॉर्ड वापसी का दौर शुरू हो गया है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल नेता प्रकाश सिंह बादल ने 2015 में मिला पद्म विभूषण अवॉर्ड लौटा दिया है।

शिरोमणि अकाली दल (डेमोक्रेटिक) के प्रमुख सुखदेव सिंह ढींढसा ने भी पद्म भूषण अवॉर्ड लौटाने का ऐलान किया है। रिपोट्र्स के मुताबिक, इंडियन हॉकी टीम के पूर्व कप्तान पद्मश्री परगट सिंह, पद्मश्री रेसलर करतार सिंह, अर्जुन अवॉर्डी हॉकी प्लेयर राजबीर कौर व बास्केटबॉल प्लेयर अर्जुन सिंह चीमा ने अवॉर्ड वापसी की घोषणा की है। अकालियों के इस कदम को सीएम अमरिंदर सिंह से आगे निकलने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बातचीत सफल रहेगी। अगर हमारी मांगे नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज होगा।

आरएसएस के किसान संघ ने भी किया विरोध

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े भारतीय किसान संघ भी नए कृषि कानूनों की खामियों के खिलाफ है। किसान संघ के राष्ट्रीय सचिव मोहिनी मोहन मिश्रा ने कहा, ये तीनों कानून जब अध्यादेश के रूप में आए थे, तो हमने इसके खिलाफ आवाज उठाई थी। मिश्रा ने कहा कि ये तीनों बिल व्यापारियों के बिल हैं।

गरीब आदमी हूं, अवॉर्ड के सिवाय मेरे पास कुछ भी नहीं: बादल

बादल ने अवॉर्ड को लौटाते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को चिट्ठी लिखी है। तीन पन्नों की चिट्ठी में बादल ने केंद्र सरकार के कृषि कानूनों का विरोध किया है। सरकार की ओर से किसानों पर की गई कार्रवाई की भी निंदा की गई है। उन्होंने ‘पद्म विभूषण’ सम्मान लौटाने की बात कही है। बादल ने लिखा, ‘मैं इतना गरीब हूं कि किसानों के लिए कुर्बान करने के लिए मेरे पास कुछ और नहीं है, मैं जो भी हूं किसानों की वजह से हूं। अगर किसानों को अपमान हो रहा है, तो किसी तरह का सम्मान रखने का फायदा नहीं है।’

कंगना-दोसांझ में सोशल मीडिया वॉर

किसान आंदोलन को लेकर कंगना रनौत और ए टर-सिंगर दिलजीत दोसांझ के बीच सोशल मीडिया पर युद्ध शुरू हो गया है। दरअसल, कंगना ने बुजुर्ग किसान दादी को बिलकिस बानो बताते हुए मजाक उड़ाया था। इस पर दिलजीत ने लिखा था कि बंदे को इतना भी अंधा नहीं होना चाहिए।

Ashutosh Pathak
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