अनाथ हुए बच्चों पर मंडरा रहा है ह्यूमन ट्रैफिकिंग का खतरा

पुलिस श्रमिकों और अनाथ बच्चों के लिए भी यहां काम कर रहे कई एनजीओ का डाटा जुटाने में लगी हुई है।

नई दिल्ली। कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों पर ह्यूमैन ट्रैफिकिंग का डर मंडरा रहा है। ऐसे बच्चों की खरीद-फरोख्त हो सकती है। यह आशंका गाजियाबाद पुलिस ने जताई है। ये बच्चो ह्यूमैन ट्रैफिकिंग का शिकार ना हों सके इसके लिए गाजियाबाद पुलिस ने फुल प्रुफ योजना बना ली है। ऐसे सभी बच्चों को चिन्हित किया जा रहा है जो अनााथ हो गए हैं अब पुलिस इन बच्चों की ढाल बनेगी।

यह भी पढ़ें : भारत में कोरोना संक्रमण के नए केस घटे, मगर मौतों का आंकड़ा अब भी चिंताजनक

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अकेले गाजियाबाद में अब तक 119 ऐसे बच्चे हैं जो अनाथ हो चुके हैं। अब इन सभी के लिए गाजियाबाद पुलिस अभिभावक बनेगी। हाल ही में लोनी में ह्यूमैन ट्रैकिंग का मामला सामने आया था। इस घटना ने इन बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए थे। इन बच्चों की सुरक्षा के लिए अब गाजियाबाद पुलिस आगे आई है।

यह भी पढ़ें : मोबाइल टावर की तरंगों से विलुप्त हो रही गौरैया, युवक ने घर में ही बना डाले 650 घोंसले

इस कार्य के लिए एसपी देहात एक विशेष टीम तैयार की है। यह टीम ऐसे बच्चों को को चिन्हित कर उनके उज्जवल भविष्य के लिए काम करेगी। 12 जून को विश्व भर में बाल श्रम विरोधी दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में गाजियाबाद पुलिस ने 12 जून को इन तमाम बच्चों को संरक्षण देते हुए उनके भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए कई तरह की योजनाओं पर कार्य शुरू कर दिया है। एसपी देहात डॉक्टर ईराज राजा ने कहा है कि जिस तरह से लोनी इलाके में इस ह्यूमन ट्रैकिंग का मामला सामने आया था।

वह वाकई चिंता बढ़ाने वाला था लेकिन अब उसे ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद पुलिस ने फिर से बच्चों पर ध्यान दिए जाने की तैयारी की है। इसके अलावा पुलिस श्रमिकों और अनाथ बच्चों के लिए भी यहां काम कर रहे कई एनजीओ का डाटा जुटाने में लगी हुई है।

सुनील शर्मा
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned