17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कभी साइकिल पर ढोते थे रॉकेट के पार्ट, आज पूरा किया शतक, ये है Incredible ISRO

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को अपने अंतरिक्ष केंद्र से 31 उपग्रहों के साथ पीएसएलवी-सी 40 रॉकेट का प्रक्षेपण कर अपनी शतक पूरी की

2 min read
Google source verification
ISRO

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को अपने अंतरिक्ष केंद्र से 31 उपग्रहों के साथ पीएसएलवी-सी 40 रॉकेट का प्रक्षेपण कर अपनी शतक पूरी कर ली है।देखिये, पूरे विश्व में अपना कीर्तिमान स्थापित कर चुके इस संस्थान के शुरुआत के दिनों की कुछ तस्वीरें

ISRO

यह तस्वीर 1983 की है जब रॉकेट को ढोने के लिए कोई तकनीकी या संसाधन उपलब्ध नहीं थे।

ISRO

रॉकेट के कोन वाले भाग को साइकिल के मदद से एक जगह से दूसरे जगह ले जाया जाता था।

ISRO

बात इसरो की चल रही है तो भारत के मिसाइलमैन एपीजे अब्दुल कलाम को कैसे भूल सकते हैं। इस संस्थान में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है।

ISRO

अपने वरिष्ठ प्रो. विक्रम साराभाई के नेतृत्व में उन्होंने इस संस्थान के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। तस्वीर में वो साराभाई को भारत के पहले रॉकेट के बारे में कुछ बताते हुए नजर आ रहे हैं।

ISRO

यह तस्वीर भारत के रॉकेट लांच की है। 21 नवंबर 1963 को भारत का पहला रॉकेट नाइके-अपाचे लांच किया गया था। हालांकि इसका निर्माण नासा में किया गया था।

ISRO

कभी इस तरह शुरुआत करने वाले संस्थान ने शुक्रवार 12 जनवरी 2018 को अपने सैटेलाइट लॉन्च की शतक पूरी कर ली है।