
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को अपने अंतरिक्ष केंद्र से 31 उपग्रहों के साथ पीएसएलवी-सी 40 रॉकेट का प्रक्षेपण कर अपनी शतक पूरी कर ली है।देखिये, पूरे विश्व में अपना कीर्तिमान स्थापित कर चुके इस संस्थान के शुरुआत के दिनों की कुछ तस्वीरें

यह तस्वीर 1983 की है जब रॉकेट को ढोने के लिए कोई तकनीकी या संसाधन उपलब्ध नहीं थे।

रॉकेट के कोन वाले भाग को साइकिल के मदद से एक जगह से दूसरे जगह ले जाया जाता था।

बात इसरो की चल रही है तो भारत के मिसाइलमैन एपीजे अब्दुल कलाम को कैसे भूल सकते हैं। इस संस्थान में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है।

अपने वरिष्ठ प्रो. विक्रम साराभाई के नेतृत्व में उन्होंने इस संस्थान के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। तस्वीर में वो साराभाई को भारत के पहले रॉकेट के बारे में कुछ बताते हुए नजर आ रहे हैं।

यह तस्वीर भारत के रॉकेट लांच की है। 21 नवंबर 1963 को भारत का पहला रॉकेट नाइके-अपाचे लांच किया गया था। हालांकि इसका निर्माण नासा में किया गया था।

कभी इस तरह शुरुआत करने वाले संस्थान ने शुक्रवार 12 जनवरी 2018 को अपने सैटेलाइट लॉन्च की शतक पूरी कर ली है।