लॉकडाउन के मानदंडों का उल्लंघन करने को लेकर महिला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की छह धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
नई दिल्ली। चेन्नई के चेतपेट पुलिस स्टेशन ने लॉकडाउन के उल्लंघन और अभ्रद भाषा के उपयोग पर एक महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसने खुद को एक वकील बताया है। लॉकडाउन के मानदंडों का उल्लंघन करने को लेकर महिला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की छह धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। चेतपेट में महिला की बेटी कार चला रही थी। क्षेत्र में लॉकडाउन को लेकर उसे रोका गया था और उससे ई-पास की मांग की गई।
शिकायत में बताया गया कि चेतपेट यातायात पुलिस स्टेशन के एक हेड कांस्टेबल राजिथ कुमार और उनके सहयोगी प्रभाकरन आनंद और विमलराज रविवार को सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक चेतपेट सिग्नल पर डयूटी दे रहे थे। इस दौरान सुबह लगभग 7.45 बजे, उन्होंने लॉकडाउन नियम के तहत एक कार को जांच के लिए रोका। ड्राइवर ने अपनी पहचान प्रीति राजन बताई और कहा कि वह मछली खरीदने के लिए समुद्र तट पर जा रही है।
ई-चलान की कॉपी को फेंक दिया
पुलिसकर्मी ने उसे रोकते हुए कहा कि उन्हें लॉकडाउन के दौरान अनावश्यक रूप बाहर नहीं जाना चाहिए। इस दौरान उनसे ई-पंजीकरण मांगा। महिला के पास ई-पास नहीं था। जिस पर पुलिस ने एक ई-चलान की कॉपी महिला को सौंप दी। इस दौरान प्रीति ने फोन कर अपनी मां तनुजा कंथुल्ला को मौके पर बुला लिया। यहां पर पहुंचते ही खुद को वकील बताने वालीं तनुजा ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और ई-चलान की कॉपी को फेंक दिया।
गाली-गलौज कर दी धमकी
वायरल वीडियो में तनुजा पुलिस को धमकी देती दिखाई दे रही हैं। शिकायत में बताया गया कि गाड़ी से नीचे उतरते ही वह गाली-गलौज करने लगीं। इसके अलावा, उसने मास्क नहीं पहना हुआ था और जब पुलिस ने उसे पहनने के लिए कहा तो वह नाराज हो गई। इसके बाद पुलिस ने विभिन्न धारों के तहत महिला वकील के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।