
नई दिल्ली। प्रकृति राय भारत-चीन सीमा पर तैनात होने वाली पहली महिला अधिकारी होंगी। वह आईटीबीपी की पहली महिला असिस्टेंट कमांडेंट कॉम्बैट ड्यूटी बनने जा रही हैं। आपको बता दें कि भारत चीन सीमा पर अभी तक केवल महिला जवानों की तैनाती की परंपरा रही है। महिला अधिकारियों की तैनाती नहीं होती है। हाल में महिला अधिकारियों को वहां पर तैनात करने का निर्णय लिया गया था। इस निर्णय के बाद प्रकृति राय को पहली महिला अधिकारी बनने का अवसर मिला है।
नाथू ला दर्रे पर मिलेगी तैनाती
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रकृति राय को भारत चीन सरहद से सटे नाथू ला दर्रे के उस इलाके में तैनात किया जाएगा। वहां पर तापमान साल भर शून्य से नीचे रहता है। तैनाती से पहले प्रकृति राय को इनको मसूरी में कॉम्बैट ट्रेनिंग की खास तकनीक सिखाई जाएगी। ताकि वो प्रतिकूल मौसम में भी अपनी जिम्मेदरियों का निर्वहन सफलतापूर्वक कर सकें। वो देश की पहली महिला असिस्टेंट कमांडेंट हैं, जिन्हें भारत चीन सरहद से सटे कुछ ऐसे दुर्गम इलाकों में सीमाओं की रक्षा करने का मौका मिल रहा है। वह 25 साल की हैं। उनकी ट्रेनिंग उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में चल रही है। ट्रेनिंग पूरा होने के बाद प्रकृति राय की तैनाती सरहद पर की जाएगी।
खुद की च्वाइस है आईटीबीपी में जाने का निर्णय
आपको बता दें कि उनकी तैनाती भारत तिब्बत सीमा पुलिस में पहली लड़ाकू अधिकारी के रूप में हुआ है। उन्होंने पहले ही प्रयास में यह सफलता हासिल की है। गृह मंत्रालय ने पहली बार आईटीबीपी में महिलाओं को कॉम्बैट ऑफिसर बनाने का निर्णय लिया जिसके बाद प्रकृति ने यूपीएससी की पहली परीक्षा पास कर ली। आपको यह जानकर अचंभा होगा कि भारत चीन सरहद जहां पर जवानों के लिए रहना कठिन होता है, वहां प्रकृति राय ने अपनी सर्विस के लिए उसी आईटीबीपी को चुना, जो भारत चीन सरहद की निगरानी करता है। अपनी पहली पसंद के रूप में ITBP का विकल्प प्रकृति राय ने UPSC को दिया। सूत्रों के मुताबिक अगले साल फरवरी में प्रकृति राय की ट्रेनिंग समाप्त हो जाएगी।
Published on:
13 Apr 2018 01:10 pm
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