
गोरखपुर: बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से हुई 33 बच्चों की मौत के मामले में जांच एजेंसियों को एक और सफलता हाथ लगी है। इस केस में गिरफ्तारी के सिलसिले को जारी रखते हुए यूपी पुलिस ने एक और आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
देवरिया बाइपास से लिया हिरासत में
रविवार को यूपी पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मनीष को यूपी के देवरिया से हिरासत में लिया है। वहीं आपको बता दें कि पुष्पा सेल्स ही वहीं एजेंसी है जो कि बीआरडी में ऑक्सीजन सप्लाई करती थी। हिरासत में लिए जाने से पहले मनीष ने कल ही कोर्ट में आत्मसमर्पण के लिए अर्जी लगाई थी। आपको बता दें कि बीआरडी ऑक्सीजन त्रासदी में वह नौवां आरोपी है।
पूर्व प्रिंसिपल और उनकी पत्नी भी हिरासतम में
इस मामले में पुलिस ने इससे पहले मेडिकल कालेज के पूर्व प्रिंसिपल प्रो.राजीव मिश्र, उनकी पत्नी डॉ.पूर्णिमा शुक्ला, इंसेफेलाइटिस वार्ड के प्रभारी रहे डॉ.कफील, डॉ.सतीश और कॉलेज के चार पूर्व कर्मचारियों सहित कुल नौ लोगों की गिरफ्तारी कर जेल भेजा चुका है। मनीष भंडारी के पुलिस हिरासत में आने के बाद अब कोई आरोपी ऐसा नहीं बचा है जो पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। अब उम्मीद लगाई जा रही है कि इस मामले में पुलिस जल्द ही चार्जशीट दाखिल करेगी।
चीफ फार्मासिस्ट ने किया था सरेंडर
इससे पहले बुधवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज ऑक्सीजन काण्ड के एक अन्य आरोपी चीफ फार्मासिस्ट गजानन जयसवाल ने बुधवार को अदालत में सरेंडर कर दिया था। उधर इस मामले में गिरफ्तार संजय त्रिपाठी को बुधवार को अदालत में पुलिस ने पेश किया। चीफ फार्मासिस्ट गजानन एवं संजय त्रिपाठी को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। संजय को मंगलवार की दोपहर बाद कैंट पुलिस ने कचहरी के पास से गिरफ्तार कर लिया था। वह कोर्ट में सरेण्डर करने की तैयारी में था।
पूर्व प्रिंसिपल ने दायर की है जमानत अर्जी
राजीव मिश्र की पत्नी डा. पूर्णिमा शुक्ला की तरफ से उनके अधिवक्ता ने जमानत की अर्जी डाली है। मंगलवार को जिला जज कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। जिसमें सुनवाई के लिए 26 सितम्बर की तारीख तय की गई है। आक्सीजन प्रकरण में डा. पूर्णिमा पर भ्रष्टाचार की धारा में केस दर्ज है। उन पर भ्रष्टाचार की धारा के साथ अलग से दो सेक्शन भी लगाया गया है।
क्या था मामला
आपको बता दें कि बीते 10-11 अगस्त को गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की वापरवाही से 33 बच्चों की मौत हो गई थी। हालांकि पिछले कुछ दिनों का ये आंकड़ा मिलाकर 60 से उपर था। ये सभी बच्चे इंसेफलाइटिस की बीमारी से ग्रस्त थे। अस्पताल प्रशासन की इस लापरवाही के बाद सरकार पर भी सवालिया निशान खड़े हुए थे, वहीं सरकार ने ऑक्सीजन की कमी से हुई मौत की बात को खारिज किया था।
Gorakhpur child deaths-Accused Manish Bhandari arrested in Deoria. He is owner of Pushpa Sales, company that supplied oxygen to BRD Hospital
— ANI UP (@ANINewsUP) 17 September 2017
Published on:
17 Sept 2017 12:28 pm

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