प्रवासियों के पलायन पर राहुल गांधी की मांग, दोबारा उनके खाते में पैसे डाले केंद्र सरकार

लॉकडाउन के ऐलान के बाद काम करने वाले यूपी-बिहार के लोग एक बार फिर अपने घरों की तरफ चल पड़े।
पलायन की तस्वीरों को देखकर कांग्रेस के राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से मांगी की है कि प्रवासी मजदूरों के खातों में पैसे डाले।

नई दिल्ली। देश में बढ़े रहे कोरोना वायरस ने कोहराम मचा रखा है। कोरोना की दूसर लहर में मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 6 दिनों का लॉकडाउन लगाया है। लॉकडाउन लगने के एक बार फिर बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों ने दिल्ली से वापस लौटना शुरू कर दिया है। आनंद विहार बस अड्डे से मजदूर अपने अपने शहरों में लौट रहे है। दिल्ली ही नहीं महाराष्ट्र और गुजरात से भी मजदूर अपने घर लौट रहे है। लॉकडाउन के ऐलान के बाद काम करने वाले यूपी-बिहार के लोग एक बार फिर अपने घरों की तरफ चल पड़े। पलायन की तस्वीरों को देखकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से मांगी की है कि प्रवासी मजदूरों के खातों में पैसे डाले।

प्रवासी मजदूरों के खातों में पैसे डाले सरकार
प्रवासी मजदूरों के पलायन पर राहुल गांधी ने कहा कि इस मुश्किल समय में केंद्र सरकार को गरीब लोगों की मदद करनी चाहिए। सरकार की यह जिम्मेदारी है। राहुल मंगलवार को ट्वीट करते हुए लिखा, प्रवासी एक बार फिर पलायन कर रहे हैं, ऐसे में केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि उनके बैंक खातों में रुपये डाले, लेकिन कोरोना फैलाने के लिए जनता को दोष देने वाली सरकार क्या ऐसा जन सहायक क़दम उठाएगी?

 

यह भी पढ़ें :— कोविड-19 के खिलाफ जंग में मुकेश अंबानी के बाद टाटा, मित्तल और जिंदल भी आए सामने

गरीबों, श्रमिकों, रेहड़ी वालों को नकद मदद वक्त की मांग : प्रियंका गांधी
राहुल के अलावा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि इस लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए सरकार को आगे आना चाहिए। प्रियंका ने भी ट्वीट करते हुए लिखा, 'कोविड की भयावहता देखकर ये तो स्पष्ट था कि सरकार को लॉकडाउन जैसे कड़े कदम उठाने पड़ेंगे लेकिन प्रवासी श्रमिकों को एक बार फिर उनके हाल पर छोड़ दिया। क्या यही आपकी योजना है? नीतियां ऐसी हों जो सबका ख्याल रखें। गरीबों, श्रमिकों, रेहड़ी वालों को नकद मदद वक्त की मांग है। कृपया ये करिए।'

मजदूरों में घर जाने की जद्दोजहद
लॉकडाउन की घोषणा के बाद दिल्ली के कोने कोने से पलायन की तस्वीरें सामने आ रही है। मजदूर लोग पहले बस के अंदर जगह पाने की जद्दोजहद कर रहे है। बस के अंदर जगह नहीं मिली तो छत पर बैठकर ही लोग सफर तय करने के लिए मजबूर है। मजदूरों का कहना है कि काफी मुश्किल से काम शुरू हुआ था लेकिन फिर लॉकडाउन लग गया है। सभी के मन में डर है कि कहीं पिछली बार की तरह यह लॉकडाउन फिर से बढ़ाया गया, तो लोग भूखे मर जाएंगे। इसलिए वक्त रहते लोग अपने घर जाना उचित समझ रहे है। मुंबई, नासिक, नागपुर, पुणे, ठाणे समेत कई इलाकों से पिछले कुछ दिनों से लगातार ट्रेनों में भर-भर कर मजदूरों की वापसी हो रही है।

Shaitan Prajapat
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned