इतिहासकार गुहा ने ट्वीटकर बताया है कि मैंने गोवा में अपने भोजन की तस्वीर हटा ली है, क्योंकि यह ठीक नहीं थी। ऐसा कर मैं बीफ के मामले में भाजपा के घोर पाखंड को उजागर करना चाहता हूं।
नई दिल्ली। गोवा में दो दिन पहले बीफ खाते वक्त अपनी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर डालने के बाद आलोचनाओं से घिरे जाने-माने इतिहासकार और लेखक रामचंद्र गुहा ने रविवार को वह ट्वीट हटाते हुए कहा कि यह सही नहीं था। उनके इस पहल के बारे में कहा जा रहा है कि उन्हें अपनी भूल का अहसास हो गया। उनकी इस हरकत की वजह से उनकी ईमेज कुछ ही देर बाद खराब होने लगा था। सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर उनकी खिंचाई शुरू हो गई थी। हालांकि भाजपा के आलोचक गुहा ने कहा कि विवादित ट्वीट का मकसद बीफ पर भगवा पार्टी के पाखंड को आड़े हाथ लेना था। उन्होंने दावा किया कि उन्हें धमकी भरे फोन आ रहे थे।
मैंने जो किया वो दिखावटी था
रामचंद्र गुहा ने ट्वीट हटाने के बाद कहा कि इंसान को अपनी पसंद के मुताबिक खाने, पहनने और प्यार करने का हक होना चाहिए। इतिहासकार ने गांधीवादी होने के बाद भी बीफ खाने को लेकर अपना मजाक उड़ाने वालों को भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि तस्वीर के केंद्र में खुद को रखना दिखावटी और खराब था। मैं शब्दों के जरिए भी अपनी बात रख सकता था, जैसा कि मैंने अभी किया है। इससे पहले गुहा ने दिन में ट्वीट किया कि उन्हें और उनकी पत्नी को धमकी भरे कॉल किए गए। उन्होंने कहा कि मुझे दिल्ली से एक शख्स ने धमकी भरा फोन किया। वह अपना नाम संजय बता रहा था।
बीफ के मुद्दे पर जवाब देने से काटी कन्नी
गुहा ने बीफ वाला ट्वीट हटाने के कुछ ही मिनटों बाद एक अन्य ट्वीट किया जिसमें उन्होंने आरके यादव के खिलाफ आरोप लगाए। गुहा ने यादव के पोस्ट का जवाब देते हुए लिखा कि धमकी भरा यह ट्वीट रिसर्च एंड एनालिसिस विंग के एक पूर्व अधिकारी का है। मैं इसे जानकारी के लिए सामने रख रहा हूं और मुझे मिलने वाली हर धमकी के साथ यही करूंगा। यादव ने ट्वीट किया था कि अगर कोई हिंदू बीफ खाए और इसका प्रचार करे तो वह इस धर्म पर कलंक है। रामचंद्र गुहा नाम का एक आदमी ऐसा कर रहा है। वह ऐसा प्रचार कर इस घृणित कृत्य के द्वारा सभी हिंदुओं को उकसाने की कोशिश कर रहा है। उसे करारा जवाब दिया जाना चाहिए। हालांकि कई कोशिशों के बाद भी गुहा की प्रतिक्रिया जानने के लिए उनसे संपर्क नहीं हो सका।