'लॉकडाउन' में अमीर और ज्याद हुए मालामाल, गरीब हुए कंगाल

- ऑक्सफैम की रिपोर्ट, 1 घंटे में मुकेश अंबानी ने जितने कमाए, कमाने में मजदूरों को लगेंगे 10 हजार साल ।
- 35 प्रतिशथ बढ़ी अरबपतियों की संपत्ति लॉकडाउन में ।
- 12.2 करोड़ लोगों की नौकरियां गई लॉकडाउन में।
- 1930 की महामंदी के बाद सबसे बड़ा संकट ।
- 100 वर्षों का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संकट महामारी ने दिया।
- 1.7 करोड़ महिलाओं की छिनी नौकरी।
- सबसे अधिक असर 75 प्रतिशत (9.2 करोड़) अनौपचारिक क्षेत्र के मजदूर, 18 प्रतिशत और बढ़ी बेरोजगारी लॉकडाउन के बाद।

नई दिल्ली । कोरोना महामारी ने गरीब व अमीर के बीच की खाईं को और बढ़ा दिया। लॉकडाउन के दौरान जहां अमीर मालामाल हो गए तो वहीं गरीब कंगाल हो गए। गरीबी उन्मूलन के लिए काम करने वाली संस्था ऑक्सफैम ने इनइक्वालिटी वायरस रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक देश के अरबपतियों की संपत्ति 35 फीसदी तक बढ़ गई। वहीं, करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी छिन गई, खाने के लाले पड़ गए। कोरोना महामारी पिछले 100 वर्षों का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संकट व 1930 की महामंदी के बाद सबसे बड़ा आर्थिक संकट पैदा हुआ। यह असमानता सिर्फ भारत ही नहीं हुई दुनिया के प्रमुख देशों में भी देखने को मिली है। इस रिपोर्ट में 79 देशों के 295 अर्थशास्त्रियों की राय व अरबपतियों की संपत्ति का विश्लेषण किया गया है।

तो हर गरीब को 94045 रुपए :

रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2020 के बाद की अवधि में देश में 100 अरबपतियों की संपत्ति 12,97,822 करोड़ की वृद्धि हुई। यदि देश के 13.8 करोड़ सबसे गरीबों में इस राशि का वितरण किया जाए तो प्रत्येक को 94,045 रुपए मिलेंगे।

तो खत्म हो सकती है गरीबी :
यूएनडीपी और डेनवर विश्वविद्यालय के एक अध्ययन के अनुसार महामारी के चलते 2030 तक 20.70 करोड़ और लोग बेहद गरीब हो सकते हैं। इस तरह दुनिया में करीब एक अरब बेहद गरीब होंगे। लेकिन दुनिया के टॉप 10 अमीरों की कोरोना काल के दौरान कमाई को बांट दिया जाए तो दुनिया की गरीबी खत्म हो सकती है।

हर देश में आर्थिक असमानता बढ़ी :
ऑक्सफैम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ बेहर ने कहा कि रिपोर्ट के लिए सर्वेक्षण में 295 अर्थशास्त्रियों में जेफरी डेविड, जयति घोष और गेब्रियल जुक्मैन सहित 87 फीसदी उत्तरदाताओं ने महामारी के चलते अपने देश में आय असमानता में बढ़ोतरी का अनुमान जताया है।

1 सेकेंड की आमदनी के लिए 3 साल लगेंगे -
महामारी के दौरान अरबपतियों की आमदनी का अंदाजा ऐसे लगा सकते हैं कि मार्च माह में मुकेश अंबानी को एक घंटे में जितनी आमदनी हुई, उतना कमाने में एक अकुशल मजदूर को 10 हजार साल या 1 सेके ंड की आमदनी कमाने में 3 साल लगेंगे।

हर घंटे 1.7 लाख लोग बेरोजगार -
रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2020 में हर घंटे 1.7 लाख लोग बेरोजगार हो रहे थे।

विकास गुप्ता
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