
इस तरह के बंकर में सुरक्षित होंगे कश्मीरी नागरिक, 450 करोड़ रुपए मंजूर
नई दिल्ली। भारत सरकार ने कश्मीर में अपने नागरिकों को पाकिस्तान की गोलीबारी से बचाने के लिए बंकर प्लान बनाया है। अपने श्रीनगर दौरे के वक्त केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तानी गोलाबारी और गोलीबारी की स्थिति में जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में नागरिकों के शरण लेने के लिए करीब 14,500 सुरक्षा बंकरों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 450 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर चिंतित है क्योंकि पाकिस्तानी सेना ने भारतीय क्षेत्रों को निशाना बनाकर गोलीबारी जारी रखी है।
आइए जानते हैं कि आखिर लोगों की सुरक्षा के लिए बनने वाले ये बंकर होंगे कैसे
- इन बंकरों का निर्माण सीमा से सटे करीब 3 किलोमीटर के दायरे में किया जाएगा। ये बंकर सांबा, पुंछ, जम्मू, कठुआ और रजौरी में बनेंगे।
- लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए 13,029 छोटे बंकर बनेंगे। सीमा के नजदीकी क्षेत्रों में बनने वाले इन प्रत्येक बंकरों में 8-10 लोगों के रहने की क्षमता होगी।
- प्रति परिवार के हिसाब से बनाए जाने वाले ये छोटे बंकर 160 वर्ग फीट के होंगे।
- इन पांच जिलों में 1,431 सामुदायिक बंकरों का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक में 40-50 लोगों की क्षमता होगी।
- गोलीबारी को सहने वाले इन बंकरों का निर्माण नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कोर्पोरेशन (NBCC) द्वारा किया जाएगा।
- खबर के मुताबिक बंकर निर्माण की तीन श्रेणियां होंगी। पहली श्रेणी 0-1 किमी, दूसरी 1-2 किमी और तीसरी 2-3 किमी रखा गया है।
- इसके साथ ही सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर सीमा पार से गोलीबारी के दौरान मारे गए लोगों के लिए मुआवजा राशि को एक लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये तक करने की घोषणा की। राशि सीधे मृतक के परिजनों के खाते में जमा की जाएगी। इससे पहले से चली आ रही फिक्सड डिपाजिट अकाउंट की शर्त खत्म हो जाएगी। सरकार ने सीमा पर गोलीबारी के दौरान मारे गए प्रत्येक जानवर के लिए मुआवजा राशि 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार करने का भी फैसला किया है।
- सीमावर्ती निवासियों के लिए 60 प्रतिशत आरक्षण के साथ पांच आईआर बटालियन बनाई जाएंगी। जम्मू और घाटी के लिए एक-एक महिला बटालियन को तैनात किया जाएगा। यह राज्य में सुरक्षा को बढ़ाने के अलावा लगभग सात हजार युवा पुरुषों और महिलाओं को प्रत्यक्ष रोजगार भी देगा। इन बटालियनों में से दो को मोर्चे वाली चौकियों से 0-10 किलोमीटर के बीच आने वाले गांवों की रक्षा के लिए तैनात किया जाएगा।
Published on:
09 Jun 2018 10:14 am
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