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समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट केस: सबूतों के अभाव में असीमानंद समेत सभी 4 आरोपी बरी

NIA कोर्ट ने सुनाया फैसला समझौता एक्सप्रेस में 18 फरवरी 2007 को हुआ था विस्फोट धमाके में 70 लोगों की मौत हुई थी

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aseemananda

2007 के समझौता ब्लास्ट केस में असीमानंद समेत 4 आरोपियों को NIA कोर्ट ने बरी कर दिया है। धमाके में 70 लोगों की मौत हुई थी। इस ममले में पाकिस्तानी महिला राहिला वकील ने याचिका दायर की थी। उसकी याचिका खारिज कर दी गई। बुधवार को पंचकूला स्थित एनआईए की विशेष अदालत में राहिला की याचिका पर सुनवाई हुई जिसे कोर्ट ने सीआरसीपीसी की धारा 311 के तहत खारिज कर दिया।

बता दें, 14 मार्च को मामले में फैसला सुनाया जाना था, लेकिन ठीक मौके पर राहिला ने ईमेल के माध्यम से याचिका दायर कर दी, जिसके बाद कोर्ट ने फैसला टाल दिया था। राहिला ने अपने वकील मोमिन मलिक के माध्यम से कहा था कि वह मामले में गवाही देना चाहती है।

गौरतलब है कि दिल्ली-लाहौर समझौता एक्सप्रेस ट्रेन में 18 फरवरी 2007 को पानीपत के नजदीक बम विस्फोट किया गया था। इस बम धमाके में 68 लोग मारे गए थे और 12 अन्य घायल हुए थे। वहीं, मरने वालों में ज्यादातार पाकिस्तान के रहने वाले थे। मामले में कुल 8 आरोपी थे, जिनमें मुख्य आरोपी स्वामी असीमानंद, लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजिंद्र चौधरी है।

समझौता एक्सप्रेस ट्रेन ब्लास्ट के कथित मास्टरमाइंड सुनील जोशी की मौत हो चुकी है। जबकि तीन अन्य आरोपी रामचंद्र कलसंगरा, संदीप डांगे और अमित फरार चल रहे हैं। 6 मार्च को इस केस की सुनवाई पूरी हो गई थी।

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