1 अप्रैल से पहले खरीदे गए BS-IV वाहनों को लेकर SC का बड़ा फैसला, अब करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन

-सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने 1 अप्रैल से पहले खरीदे गए BS-IV डीजल वाहनों ( BS-IV Diesel Vehicle Registration ) के रजिस्ट्रेशन की अनुमति दे दी।
-हालांकि, इन वाहनों का उपयोग दिल्ली नगर निगम ( MCD ) और दिल्ली पुलिस ( Delhi Police ) द्वारा आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं और सार्वजनिक उपयोगिता के लिए ही किया जाना चाहिए।
-आम लोगों को सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से कोई फायदा नहीं होने वाला है।

By: Naveen

Published: 19 Sep 2020, 01:22 PM IST

नई दिल्ली।
सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने 1 अप्रैल से पहले खरीदे गए BS-IV डीजल वाहनों ( BS-IV Diesel Vehicle Registration ) के रजिस्ट्रेशन की अनुमति दे दी। हालांकि, इन वाहनों का उपयोग दिल्ली नगर निगम ( MCD ) और दिल्ली पुलिस ( Delhi Police ) द्वारा आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं और सार्वजनिक उपयोगिता के लिए ही किया जाना चाहिए। यानी कि आम लोगों को सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से कोई फायदा नहीं होने वाला है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, ऐसे डीजल वाहन जो 1 अप्रैल, 2020 से पहले खरीदे गए हैं और उनका इस्तेमाल आवश्यक सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं के लिए किया जा रहा है, उन्हें BS-IV मानदंडों के अनुसार पंजीकृत किया जा सकता है। जबकि, 1 अप्रैल, 2020 के बाद खरीदे गए वाहनों का BS-VI मानदंडों के अनुसार रजिस्ट्रेशन होगा।

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सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा कि इन गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन होने तक दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग प्रोविजनल सार्टिफिकेट उपलब्ध कराए। चीफ जस्टिस (CJI) ने कहा कि ट्रांसपोर्ट विभाग विशेष सेवाओं में उपयोग हो रहे डीजल वाहनों के लिए अभी अस्थाई (temporary) रजिस्ट्रेशन जारी करें।

इन वाहनों का नहीं होगा रजिस्ट्रेशन
कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि 31 मार्च के बाद बेचे गए वाहनों की जानकारी अगर ई-वाहन पोर्टल पर नहीं हैं, तो ऐसे वाहनों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। कोर्ट ने कहा कि 31 मार्च तक BS-IV वाहनों को बेचने की इजाजत दी गई थी, लेकिन कई डीलरों ने फर्जीवाड़ा करते हुए लॉकडाउन में गाड़ियां बेचकर उनका रजिस्ट्रेशन बैक डेट में करा दिया।

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वर्ष 2016 में केंद्र सरकार का आदेश
आपको बता दें कि वर्ष 2016 में केंद्र सरकार ने कहा था कि देश BS-IV उत्सर्जन मानक के 2020 तक बीएस-VI उत्सर्जन मानक अपनाया जाएगा। 31 मार्च के बाद BS-IV गाड़ियों की बिक्री नहीं होगी। इसके बाद ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि 15 हजार पैसेंजर कार, 12 हजार कमर्शियल वाहन और बीएस-IV वाले 7 लाख टू व्हीलर वाहन ऐसे हैं जो अभी तक बिके नहीं है।

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