
वरिष्ठ पत्रकार और लेखक राजकिशोर का निधन, बेटे की मौत से लगा था सदमा
नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रसिद्ध लेखक राजकिशोर का सोमवार को लंबी बीमारी के बाद एम्स में निधन हो गया। पिछले दिनों उनके पत्रकार पुत्र विवेक का निधन हो गया था जिसके कारण उन्हें गहरा सदमा लगा था। समाजवादी आंदोलन से जुड़े पत्रकार राजकिशोर को सीने में संक्रमण होने के कारण निमोनिया हो गया था। उन्हें करीब तीन सप्ताह पहले एम्स के आईसीयू में भर्ती कराया गया था जहां सुबह करीब साढ़े नौ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
'रविवार' से की पत्रकारिता की शुरूआत
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में 02 जनवरी 1947 को जन्मे राजकिशोर की पढ़ाई-लिखाई कोलकाता विश्वविद्यालय से हुई। उन्होंने 80 के दशक में कोलकाता से शुरू चर्चित साप्ताहिक पत्र ‘रविवार’ से अपनी पत्रकारिता की शुरुआत की। कुछ समय तक उन्होंने वहीं से प्रकाशित ‘परिवर्तन’ नामक पत्रिका में भी काम किया। उसके बाद सहायक संपादक के रूप में वह दिल्ली आ गए और पत्रकारिता में अपनी एक अलग पहचान बनाई
‘गांधी मेरे भीतर’ से हुए विख्यात
राजकिशोर की प्रमुख कृतियों में ‘गांधी मेरे भीतर’और दो उपन्यास ‘सुनंदा की डायरी’और ‘दूसरा सुख’ प्रमुख हैं। उनका कविता संग्रह ‘पाप के दिन’और व्यंग्य संग्रह ‘राजा का बाजा’ भी काफी लोकप्रिय रहा। उनको लोहिया पुरस्कार और बिहार राष्ट्रभाषा परिषद के राजेंद्र माथुर स्मृति पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।
Published on:
04 Jun 2018 07:42 pm
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