
पत्रिका फैक्ट चेक: क्या सच में लॉकडाउन के दौरान सीएम नीतीश के काफिले पर किया गया पथराव, जानें सच्चाई
नई दिल्ली। कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की झूठी और गलत खबरें फैलाई जा रही है। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर इस समय वायरल हो रहा है। सियासी दल के एक काफिले पर पत्थरबाजी का वीडियो वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि लॉकडाउन के दौरान बिहार के लोग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीति और नियमों के खिलाफ खासे नाराज हैं और लगातार उनका विरोध कर रहे हैं।
दावा- नीतीश कुमार के काफिले पर पत्थरबाजी
तथ्य- पुराना वीडियो को लॉकडाउन से जोड़कर दिखाया जा रहा
वायरल वीडियो में क्या है ?
सोशल प्लेटफॉर्म फेसबुक पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। राजद युवा नेता प्रेम पवन यादव ने अपने फेसबुक पेज पर यह वीडियो शेयर किया है। वीडियो पोस्ट में लिखा गया है, “ये हैं हमारे बिहार के मुख्यमंत्री और भाजपा संघी नीतीश कुमार जो जगह-जगह पत्थर खाते घूम रहे हैं, और जनता को नैतिकता की पाठ पढ़ा रहे हैं, यह इसी लाइक हैं जनता भूखे मर रही है यह साहब AC में हवा खा रहे हैं इनके साथ जो हुआ क्या अच्छा हुआ।” 2 मिनट 30 सेकेंड के वीडियो में साफ तौर से देखा जा रहा है कि बहुत सारी गाड़ियां एक गांव से गुजर रही हैं। इसी दौरान कुछ लोग काफिले में शामिल पुलिस की जीप पर पत्थरबाजी शुरू कर देते हैं। हालांकि वहां मौजूद लोग रोकने का प्रयास करते हैं। लेकिन ग्रामीण बेहद उग्र होकर ईंट पत्थर चलाते हुए दिखाई देते हैं।
क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई?
पत्रिका फैक्ट चेक टीम ने जब इस वीडियो की पड़ताल की तो पता चला कि यह वीडियो 2 साल पुराना है। पत्रिका चेक टीम ने इस खबर को गूगल पर सर्च किया जिसमें यह खबर 2018 में प्रकाशित और प्रसारित की गई है। उस वक्त नीतीश कुमार बिहार विकास यात्रा की समीक्षा कर रहे थे। सरकार के विकास यात्राओं की समीक्षा के लिए वह 13 जनवरी 2018 को नीतीश कुमार बक्सर जिला के नंदन गांव पहुंचे थे। लोगों ने गांव में विकास नहीं होने को लेकर नीतीश से मुआयना करने की अपील की लेकिन अधिकारियों द्वारा कम समय का हवाला देकर निरीक्षण करने से इनकार कर दिया गया और काफिला आगे बढ़ने लगा। इसी दौरान कुछ लोगों ने उस काफिले पर हमला बोल दिया।
हालांकि नीतीश कुमार की गाड़ी आगे थी। पुलिस की एक गाड़ी पर लोगों ने ईंट और पत्थर फेंकने शुरू कर दिए थे। जवाब में पुलिस के जवानों ने भी पत्थरबाजी की। साथ ही कुछ लोगों की पिटाई की। इस घटना में पुलिस वालों को भी चोटें आईं। इससे साफ है कि लॉकडाउन के दौरान इस तरह की कोई हरकत नहीं हुई है। पत्रिका आपसे अपील करता है कि इस तरह की खबरों पर बिलकुल ध्यान नहीं दें।
Published on:
16 May 2020 01:58 pm
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