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सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर लगाया भेदभाव का आरोप, सभी राज्यों को समान रूप से मिलें चिकित्सा सुविधाएं

उन्होंने कांग्रेसशासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों का हवाला देते हुए कहा कि कोरोना के उपचार में काम आने वाले उपकरणों, दवाईयों तथा अन्य सहायक साजों-सामान को GST से मुक्त कर देना चाहिए। उन्होंने रेमेडिसिविर तथा मेडिकल ऑक्सीजन सहित अन्य जीवनरक्षक दवाओं व उपकरणों को भी जीएसटी से बाहर करने की मांग की।
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नई दिल्ली

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Sunil Sharma

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Updated: 17 Apr 2021, 8:39 PM IST

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नई दिल्ली। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि केन्द्र सरकार गैर भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी के कई मुख्यमंत्रियों ने बताया कि उनके पास कुछ ही दिनों की वैक्सीन्स बची हुई है, ऑक्सीजन खत्म हो चुकी है तथा वेंटिलेटर्स भी कम पड़ने लगे है लेकिन केन्द्र सरकार की चुप्पी डराने वाली है। वहीं दूसरी ओर भाजपाशासित राज्यों में सभी तरह की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है।

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उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी तथा अन्य विपक्षी नेताओं द्वारा की जा रही सकारात्मक सुझावों को सुनने की बजाय कई केन्द्रीय मंत्री विपक्ष के नेताओं पर हमलावर रुख अपना रहे हैं। इस तरह की बहस में पड़ना पूरी तरह से बचकाना बर्ताव है।

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कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भारत अब तक कोरोना की लगभग 6.5 करोड़ वैक्सीन्स दूसरे देशों को भेज चुका है। जबकि हमारे देश में कोरोना संक्रमण की दर सबसे ज्यादा है, क्या इन वैक्सीन्स को दूसरे देशों को भेजने की बजाय हमारे नागरिकों को प्राथमिकता देते हुए यहां प्रयोग नहीं करना चाहिए था। उन्होंने कांग्रेसशासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों का हवाला देते हुए कहा कि कोरोना के उपचार में काम आने वाले उपकरणों, दवाईयों तथा अन्य सहायक साजों-सामान को GST से मुक्त कर देना चाहिए। उन्होंने रेमेडिसिविर तथा मेडिकल ऑक्सीजन सहित अन्य जीवनरक्षक दवाओं व उपकरणों को भी जीएसटी से बाहर करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण उपजे हालातों से प्रभावित नागरिकों को प्रतिमाह छह हजार रुपए की सहायता राशि देनी चाहिए।