
Police arrested the man
नई दिल्ली। रेप के एक मामले में सोमवार को गुजरात हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट का कहना है कि अगर पति अपनी पत्नी के साथ उसकी बिना सहमति के भी शारीरिक संबंध बनाता है तो ऐसे में वो रेप की कैटेगरी में नहीं होगा और न ही पत्नी अपने पति पर रेप का केस कर सकती है। हालांकि इससे पहले आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर अगर गुजरात हाईकोर्ट के निर्णय को देखें तो पत्नी और रेप के बीच संबंध को लेकर एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा होता है।
गुजरात हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों से बदली रेप की परिभाषा ?
सवाल इसीलिए खड़ा हो रहा है, क्योंकि अक्टूबर 2017 में सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला था, जिसमें कहा गया था कि 18 वर्ष से कम उम्र की पत्नी (नाबालिग) के साथ शारीरिक संबंध बनाना अपराध है और इसे रेप की श्रेणी में रखा जाएगा। वहीं गुजरात हाईकोर्ट ने कहा है कि पत्नी के साथ उसकी बिना सहमति के भी शारीरिक संबंध बनाना रेप नहीं होगा। अब सुप्रीम कोर्ट और गुजरात हाईकोर्ट के ये फैसले प्रथमदृष्टया विपरीत नजर आ रहे हैं।
18 साल से कम उम्र की पत्नी के साथ सेक्स है रेप- SC
सुप्रीम कोर्ट ने अक्टूबर 2017 में अपने एक फैसले में कहा था कि 18 साल से कम उम्र की पत्नी के साथ संबंध बनाना रेप की श्रेणी में आएगा, चाहे वो उसकी समहति से हो या फिर बिना सहमति के। कोर्ट ने कहा था कि अगर किसी लड़की के साथ ऐसा होता है तो वो 1 साल के अंदर शिकायत दर्ज करा सकती है। इसके बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
क्या है रेप
आईपीसी की धारा 375 के तहत रेप की परिभाषा बताई गई है। उसके मुताबिक, कोई व्यक्ति अगर किसी महिला के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाता है तो वो रेप की कैटेगरी में आएगा। इसके अलावा शारीरिक संबंध के लिए महिला की सहमति उसके साथ शादी का वादा कर के ली गई हो तो वो रेप होगा। इसके अलावा महिला की उम्र अगर 16 साल से कम हो तो उसकी मर्जी से या उसकी सहमति के बिना किया गया सेक्स रेप कहलाएगा। वहीं, इस धारा में एक अपवाद भी है कि 'पत्नी' अगर 15 साल से कम की हो तो पति का उसके साथ सेक्स करना रेप नहीं है।
अब जानिए धारा 376 के बारे में
आईपीसी की धारा 375 में रेप का जिक्र किया गया है तो वहीं धारा 376 में उसमें वैवाहिक बलात्कार या मैरिटल रेप का कोई जिक्र नहीं है। धारा 376 रेप के लिए सजा का प्रावधान करता है और आईपीसी की इस पत्नी से रेप करने वाले पति के लिए सजा का प्रावधान है बर्शते पत्नी 12 साल से कम की हो। इसमें कहा गया है कि 12 साल से कम उम्र की पत्नी के साथ पति अगर बलात्कार करता है तो उस पर जुर्माना या उसे दो साल तक की क़ैद या दोनों सजाएं दी जा सकती हैं।
गुजरात हाईकोर्ट ने मैरिटल रेप के एक केस में सुनाया ये फैसला
वहीं गुजरात हाईकोर्ट ने सोमवार को एक केस की सुनवाई के दौरान एक महिला के द्वारा अपने पति पर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने जिस केस की सुनवाई के दौरान ये फैसला सुनाया है, उसमें महिला ने अपने पति के उपर दहेज उत्पीड़न और रेप का आरोप लगाया था। पत्नी का कहना था कि उसके पति ने उसका शारीरिक शोषण किया है, लेकिन कोर्ट ने आरोपी को ये कहकर बरी कर दिया कि पति पत्नी के बीच सहमति या बिना सहमति से बने शारीरिक संबंध रेप नहीं है। हालांकि कोर्ट ने ये कहा कि अगर पति अप्राकृतिक संबंध बनाता है तो क्रूरता और अपराध की श्रेणी में आएगा।
Published on:
03 Apr 2018 02:55 pm
बड़ी खबरें
View Allविविध भारत
ट्रेंडिंग
