
Supreme Court Pulls Senior Rajasthan Official-No Proper Dress in Court
नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के कसौली में अवैध निर्माण को लेकर कार्रवाई करने पहुंची महिला अधिकारी पर गोली चलाने की घटना का सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को संज्ञान लिया है। महिला अधिकारी मंगलवार को प्रशासनिक टीम के साथ सोलन के कसौली में अवैध होटलों को गिराने पहुंची थी। प्रशासनिक टीम सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सोलन में अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने पहुंची थी। तभी एक होटल मालिक ने कार्रवाई का विरोध किया और महिला अधिकारी पर गोली चला दी। गोली सीधा महिला अधिकारी के सिर में जा लगी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आज जस्टिस मदन बी.लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने इस घटना को अत्यधिक गंभीर बताया और कहा कि सरकारी अधिकारी कोर्ट के निर्देश का पालन करने के लिए अवैध निर्माण हटाने गए थे। सहायक टाउन एंड कंट्री प्लानर शैलबाला शर्मा मंगलवार को कसौली में नारायणी गेस्ट हाउस में अवैध निर्माण हटाने गई थीं, जहां गेस्ट हाउस के मालिक विजय सिंह ने उन्हें कथित तौर पर गोली मार दी। जिससे महिला अधिकारी की मौत हो गई।
पुलिस प्रशासन पर भड़की पीठ
इस मामले का कोर्ट में उल्लेख किए जाने पर पीठ ने कहा, ‘अगर आप लोगों की हत्या करेंगे तो शायद हम कोई भी आदेश पारित करना बंद कर दें।' पीठ ने घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा कि यह मामला चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के समक्ष पेश किया जाए ताकि वह इसे उचित पीठ के पास भेज सकें। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी पूछा कि सीलिंग अभियान के दौरान सरकारी अधिकारियों के साथ गया पुलिस दल उस समय क्या कर रहा था, जब होटल मालिक ने महिला अधिकारी को कथित तौर पर गोली मारी। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से पेश वकील ने पीठ को बताया कि सरकारी अधिकारियों पर गोली चलाने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। इस घटना में महिला अधिकारी की मौत हो गई, जबकि लोक निर्माण विभाग का एक अधिकारी घायल हुआ है। अधिकारियों पर तब हमला किया गया जब वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सोलन जिले में 13 होटलों में अवैध निर्माण को ढहाने का अभियान चला रहे थे।
सुप्रीम कोर्ट ने 17 अप्रैल को दिया था आदेश
उल्लेखनीय है कि शीर्ष अदालत ने 17 अप्रैल को राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि सोलन के कसौली और धरमपुर इलाकों में 13 होटलों में अवैध निर्माण को गिराया जाए। इस काम के लिए चार दलों का गठन किया गया था। शीर्ष अदालत ने कहा था कि अवैध निर्माण ने पूरे शहर को खतरे में डाल दिया है जिससे भूस्खलन हो रहा है। पीठ ने ऐसे निर्माणों को ढहाने का आदेश दिया था। पीठ ने कहा था कि कुछ होटलों और रिजॉर्टों को केवल दो मंजिला इमारत बनाने की मंजूरी थी, लेकिन वहां पर छह मंजिला इमारत बनाई गई। पीठ ने अपने आदेश में कहा था कि यह निर्माण राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के बिना मंजूरी के की गई। इसलिए यह निर्माण अवैध है, इसे हटाया जाए।
Updated on:
02 May 2018 05:43 pm
Published on:
02 May 2018 05:46 pm
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