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नेताओं के बड़बोलेपन पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, कहा- न्यायिक व्यवस्था की आलोचना बंद कीजिए

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार अपना काम तो करती नहीं है, लेकिन अपनी कमियों को छिपाने के लिए हर बार कोर्ट पर सवाल उठाने लगती है।

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Chandra Prakash Chourasia

Nov 29, 2018

Supreme Court

केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, अपना काम सही से नहीं करते और हमारी आलोचना करते हैं

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी अदालत ने एकबार फिर केंद्र सरकार को आपराधिक मामलों के तेजी से ट्रायल करने को लेकर उसके ढुलमुल रवैये पर कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने सरकार से कहा है कि आप अपना काम सही से नहीं करते और फिर न्यायपालिका पर न्याय में देरी का दोष मढ़ते हैं। न्यायिक व्यवस्था की आलोचना अब बंद कर दीजिए।

न्यायिक व्यवस्था के बारे में बोलना बंद करें: जस्टिस लोकुर

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मदन बी लोकुर ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) अमन लेखी को एक केस की सुनवाई के दौरान कहा कि यह बहुत अजीब बात है! जब हम सरकार को बताते हैं कि उसकी क्या प्राथमिकता होनी चाहिए तो हमें बोला जाता है कि हम क्यों बता रहे हैं। आप अपना काम तो करते नहीं है, लेकिन अपनी कमियों को छिपाने के लिए हर बार सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाने लगते हैं। अपने लोगों (केंद्र सरकार) से कहिए कि न्यायिक व्यवस्था के बारे में बोलना बंद करें।

आपराधिक मामलों पर केंद्र नहीं उठाती कोई कदम

जस्टिस लोकुर ने केंद्र सरकार को उसकी कमी गिनाते हुए कहा कि आपराधिक मामलों की तेज सुनवाई के लिए आपकी तरफ से कोई भी अहम कदम नहीं उठाया गया है।

कोर्ट के कई फैसले पर सरकार में उठ चुके हैं सवाल

बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों पर आपत्ति जताई जा चुकी है। जिसमें सबसे बड़ा मामला अयोध्या में राम मंदिर का है। कई केंद्रीय मंत्री खुलकर कह चुके हैं कि कोर्ट से मंदिर का मसला अगर हल नहीं हो रहा है तो कह दे हम कानून बनाकर मंदिर का निर्माण कर लेंगे। वहीं दूसरी ओर खुद बीजेपी अध्यक्ष ने भी केरल के सबरीमला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले और तरीके पर सवाल उठाए थे। शाह ने कहा था कि कोर्ट के ऐसे आदेश देने से बचना चाहिए जिसपर आमजन की का अमल करना मुश्किल होता है।

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