3 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दिल्ली में अकबर रोड के नाम को बदलने की कोशिश, ‘महाराणा प्रताप रोड’ के लगे फ्लैक्स

प्रशासन को जैसे ही महाराणा प्रताप रोड के फ्लैक्स लगने की जानकारी हुई तो तुरंत उन्हें उतार दिया गया।

2 min read
Google source verification
Akbar Road Rename

Akbar Road

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में सड़कों के नाम बदलने का सिलसिला फिर से शुरू हो गया है। खबर है कि दिल्ली के पॉश इलाकों में शुमार अकबर रोड का नाम बदलने की कोशिशें की जा रही हैं। न्यूज एजेंसी ने एक फोटो जारी की है, जिसमें कुछ शरारती तत्वों की हरकत सामने आ रही है। दरअसल, तस्वीरों में अकबर रोड स्थित एक साइन बोर्ड पर 'अकबर रोड' की जगह 'महाराणा प्रताप रोड' का बोर्ड लगा दिया है।

अकबर रोड की जगह 'महाराणा प्रताप रोड' के लगे फ्लैक्स बोर्ड
इस तरह की तस्वीरें सामने आने के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। हालांकि अभी ये पता नहीं चल पाया है कि आखिर ये हरकत किसकी है और इस हरकत को कब अंजाम दिया गया है। आपको बता दें कि इस हरकत से ये साफ हो गया है कि इतिहास के साथ छेड़छाड़ की फिर से कोशिश की जा रही है। दिल्ली के दिल कहे जाने वाले इंडिया गेट के करीब से गुज़रने वाली सड़क अकबर रोड के साइन बोर्ड पर महाराणा प्रताप सिंह का पोस्टर चिपकाया गया है।

प्रशासन को पता चला तो फाड़ दिए गए फ्लैक्स बोर्ड
हालांकि जैसे ही ये मामला प्रशासन की नजरों में आया तो तुरंत ही महाराणा प्रताप के नाम के फ्लैक्स बोर्ड को फाड़ दिया गया। जिस बोर्ड पर अकबर रोड लिखा गया था, उसी के ऊपर महाराणा प्रताप रोड लिखे एक फ्लेक्स बोर्ड को चिपका दिया गया था। हैरानी वाली बात ये है कि इसी अकबर रोड पर वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह , केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह, केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु और केंद्रीय मंत्री उमा भारती जैसे बड़े नेताओं के सरकारी आवास भी हैं।

2015 में बदला गया था औरंगजेब रोड का नाम
आपको बता दें कि दिल्ली में रोड के नाम बदलने की शुरूआत साल 2015 में हुई थी, जब औरंगजेब रोड का नाम बदलकर भारत के पूर्व और दिवंगत राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रखा गया था। नई दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (एनडीएमसी) द्वारा ये नाम बदला गया था। इस मामले पर खूब विवाद हुआ था और कोर्ट ने भी नाम बदलने का कारण बताने को कहा था।

राजनेता भी कर चुके हैं रोड का नाम बदलने की पेशकश
आम लोगों के साथ-साथ राजनीति के मैदान में भी हल्दीघाटी का युद्ध, महाराणा प्रताप सिंह और अकबर इन दिनों बहस का मुद्दा बना हुआ है। देश के गृह मंत्री राजनाथ सिंह और देश की सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अकबर पर सवाल उठा चुके हैं। योगी ने तो अकबर को आक्रांता करार दिया था। राजनाथ सिंह का कहना है कि इतिहासकारों ने महाराणा प्रताप के साथ नाइंसाफ़ी की है।

बड़ी खबरें

View All

विविध भारत

ट्रेंडिंग