
10 Dirtiest Cities of India in Swachh Survekshan 2020
नई दिल्ली। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 के परिणाम की घोषणा की। इस सूची में लगातार चौथे वर्ष एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की कैटेगरी में मध्य प्रदेश के इंदौर को देश का सबसे साफ शहर घोषित किया गया है। सूची में सूरत दूसरे जबकि महाराष्ट्र का नवी मुंबई तीसरा सबसे स्वच्छ शहर का स्थान पाने में कामयाब रहा है। हालांकि एक लाख से कम आबादी वाले शहरों की कैटेगरी में पहले, दूसरे और तीसरे नंबर पर महाराष्ट्र के ही कराड, सासवड और लोनावाला को सबसे साफ शहर का खिताब मिला। हालांकि इसके साथ ही दुनिया के सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वेक्षण में शामिल देश के 10 सबसे गंदे शहरों के बारे में जानकारी जुटाना भी जरूरी हो जाता है।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में इस वर्ष 28 दिनों के भीतर देश के कुल 4242 शहरों का सर्वेक्षण किया गया। पूरी तरह से पेपरलेस सर्वेक्षण के लिए 1.9 करोड़ नागरिकों से प्रतिक्रिया एकत्र की गई। जहां इस सूची में कूड़े के प्रबंधन, निपटान, गंदे पानी के पुनः इस्तेमाल, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट समेत अन्य बातों पर ध्यान दिए जाने के चलते इंदौर जैसे शहर शीर्ष स्थान पर बने रहने में कामयाब रहे, कुछ शहर ऐसे भी थे जिन्होंने कुप्रबंधन के कारण खराब प्रदर्शन किया और सबसे निचले स्थान पर थे।
यहां देखिए 10 लाख से कम जनसंख्या वाले देश के 10 सबसे गंदे शहरः
शहर का नाम और स्कोर
10 लाख से अधिक आबादी वाले देश के 10 सबसे गंदे शहरः
शहर का नाम और स्कोर
शाहजहांपुर भी नंबर वन
वहीं, एक लाख से ज्यादा की आबादी की कैटेगरी में अधिकतम नागरिक भागीदारी के मामले में सर्वश्रेष्ठ शहर के तौर पर उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर का चयन किया है जबकि एक लाख से कम आबादी वाले शहरों की कैटेगरी में यह खिताब उत्तराखंड के नंदप्रयाग को मिला है।
जालंधर कैंट नंबर वन
भारत के सबसे साफ-सुथरी छावनी का खिताब पंजाब के जालंधर कैंट को मिला है जबकि गंगा किनारे बसे सबसे स्वच्छ शहर के तौर पर वाराणसी का चयन किया गया है। वहीं, 100 से अधिक शहरों वाले राज्य में सबसे साफ राज्य का खिताब छत्तीसगढ़ को मिला है जबकि 100 से कम शहरों वाले राज्य में सबसे साफ राज्य के तौर पर झारखंड का चयन किया गया है।
क्या कहते हैं पुरी
देशभर में 28 दिनों तक करवाए गए सर्वेक्षण के परिणाम गुरुवार को घोषित किए गए। सर्वेक्षण में 4,242 शहरों, 62 छावनी बोर्ड और गंगा किनारे बसे 92 शहरों को शामिल किया गया था। आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि शहरों के प्रदर्शन से जाहिर है कि हम न सिर्फ स्वच्छ बल्कि स्वस्थ और सशक्त, संपन्न और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करने की ओर उन्मुख हैं।
पुरी ने कहा कि सर्वेक्षण टीम ने 58,000 से अधिक आवासीय और 20,000 से अधिक वाणिज्यिक क्षेत्रों का दौरा किया, जिसमें 28 दिनों में 64,000 से अधिक वार्ड शामिल हैं।
Updated on:
20 Aug 2020 09:31 pm
Published on:
20 Aug 2020 09:18 pm
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