10 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पुलवामा में पुलिस पार्टी पर आतंकी हमला, एक जवान शहीद

इससे पहले 7 जुलाई को कश्मीर के बड़गाम में सीआरपीएफ पार्टी पर आतंकी हमला किया गया । आतंकियों ने घात लगाकर सीआरपीएफ पार्टी पर ग्रेनेड से हमला कर दिया ।

2 min read
Google source verification
terror attack on police team

पुलवामा में पुलिस पार्टी पर आतंकी हमला, एक जवान की मौत

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकियों ने पुलिस को निशाना बनाया है। आतंकियों ने पुलिस पार्टी पर हमला बोला है। आतंकी हमले में एक पुलिस जवान की मौत हो गई। वहीं एक जवान घायल हो गया है। घायल जवान को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आतंकी पुलिस जवान के दो राइफल छीनकर फरार हो गए हैं। इससे पहले 7 जुलाई को कश्मीर के बड़गाम में सीआरपीएफ पार्टी पर आतंकी हमला किया गया । आतंकियों ने घात लगाकर सीआरपीएफ पार्टी पर ग्रेनेड से हमला कर दिया । इसमें एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया । घायल जवान को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया । हमले के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की नाकाबंदी कर सर्च आॅपरेशन शुरू कर दिया है।

पुलवामा में तीन अलग अलग घटनाएं

वहीं 6 जुलाई को पुलवामा में आतंकियों ने तीन अलग अलग हमले कर पुलिस, सेना और सुरक्षाबलों को निशाना बनाया था। पुलवामा में सेना कैंप और सीआरपीएफ कैंप पर आतंकियों ने ग्रेनेड हमला किया। CRPF और राष्ट्रीय राइफल्स कैंप पर आतंकियों ने ग्रेनेड फेंका है। ग्रेनेड हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच फायरिंग जारी है। सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर कर सर्च अभियान तेज कर दिया है। इससे पहले आतंकियों ने पंथा चौक और त्राल में ग्रेनेड हमला किया । त्राल में नेता के घर ग्रेनेड से हमला अशरफ भट के आवास पर ग्रेनेड से हमला इससे पहले आतंकियों ने त्राल में नेशनल कॉनफ्रेंस नेता अशरफ भट के आवास पर ग्रेनेड से हमला किया ।

घाटी में आतंकी बना रहे निशाना

गौरतलब है कि पिछले एक महीने के अंतराल में आतंकियों ने घाटी में इस तरह की दूसरी वारदात को अंजाम दिया है। पहले कश्मीर राइफल का जवान औरंगजेब और अब जम्मू कश्मीर पुलिस के कांस्टेबल जावेद अहमद को आतंकियों ने अपना शिकार बनाया है। आतंकवादियों ने हवा में फायरिंग की और बंदूक के दम पर जावेद को अपने साथ कार में बिठाकर ले गए थे। जावेद पिछले पांच साल से एसएसपी शैलेंद्र कुमार के साथ ऑपरेटर के तौर पर तैनात थे। लेकिन, सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस दोनों घटनाओं में कई समानताएं हैं।

बड़ी खबरें

View All

विविध भारत

ट्रेंडिंग