तमिलनाडु के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री एवं उपभोक्ता मामलों के प्रभारी आर सक्रपाणि ने उन दुकानदारों को चेतावनी दी है, जिन्होंने राज्य में टोटल लॉकडाउन के दौरान सब्जियों की कीमतें बढ़ा दी हैं।
चेन्नई। लॉकडाउन दौरान मुनाफाखोरी करने वालों के खिलाफ तमिलनाडु की सरकार सख्त रवैया अपना रही है। इसके लिए सरकार की ओर से आदेश भी जारी किया गया है। खासकर उन लोगों के खिलाफ, जिन्होंने लॉकडाउन के दौरान सब्जियों के उदाम में इजाफा कर दिया है। तमिलनाडु के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री एवं उपभोक्ता मामलों के प्रभारी आर सक्रपाणि ने उन दुकानदारों को चेतावनी दी है, जिन्होंने राज्य में टोटल लॉकडाउन के दौरान सब्जियों की कीमतें बढ़ा दी हैं। उन्होंने बयान जारी कर कहा है कि सरकार उन दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी, जिन्होंने लॉकडाउन से पहले सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी की उम्मीद की थी।
दो से तीन गुना का इजाफा
मंत्री ने एक बयान में कहा कि सरकार के संज्ञान में आया है कि कुछ दुकानदारों और व्यापारियों ने सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी का सहारा लिया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह महामारी के समय जनता का शोषण करने के समान होगा और सरकार उन दुकानदारों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला बनाएगी जो सब्जियों की कीमतें बढ़ाते हैं। अधिकांश सब्जियां रविवार को दोगुनी या तिगुनी दरों पर बेची जाती हैं, क्योंकि राज्य सोमवार से पूरी तरह बंद होने की तैयारी कर रहा है।
आलू, प्याज, भिंडी की कीमत में इजाफा
चेन्नई के पम्मल में खुदरा बाजार में आलू 40 रुपए से 50 रुपए प्रति किलोग्राम बिक रहा था, जबकि उसी बाजार में इसकी नियमित कीमत 20 रुपए से 25 रुपए प्रति किलोग्राम है। बीन्स को 150 रुपए में बेचा जाता है जो कि 70 रुपए के सामान्य मूल्य से दोगुना है, भिंडी 50-60 रुपए में है, जबकि आम तौर पर इसकी कीमत 20 रुपए प्रति किलो और प्याज 60 रुपए है जबकि इसकी नियमित कीमत 30 रुपये प्रति किलोग्राम है।