script'tool kit' in the human body can cause poisoning if needed | इंसानों के शरीर में मौजूद 'टूल किट' जरूरत पर पैदा कर सकती है जहर | Patrika News

इंसानों के शरीर में मौजूद 'टूल किट' जरूरत पर पैदा कर सकती है जहर

- इंसान भी अपने शरीर में सरीसृपों की तरह जहर पैदा कर सकता है।
- शोध में दावा, शरीर में जरूरत के हिसाब से विकसित होता है विशेष अंग
- रहन-सहन पर निर्भर करता है विष का बनना

नई दिल्ली

Published: March 31, 2021 08:59:55 am

नई दिल्ली। कई साल पहले 'जहरीला इंसान' नाम की फिल्म बनी थी। अब साबित हो गया है कि इंसान भी अपने शरीर में सरीसृपों की तरह जहर पैदा कर सकता है। अन्य स्तनधारी जीव भी इसमें पीछे नहीं है। इंसानों में तो बकायदा एक 'टूल किट' मौजूद है, जिसके जरिए वह यह काम कर सकता है। खास बात है कि यह अंग शरीर में जरूरत के हिसाब से विकसित होता है। प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज जर्नल में प्रकाशित ताजा शोध में यह दावा किया गया।

इंसानों के शरीर में मौजूद 'टूल किट' जरूरत पर पैदा कर सकती है जहर
इंसानों के शरीर में मौजूद 'टूल किट' जरूरत पर पैदा कर सकती है जहर

जापान के ओकिनावा इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों ने शोध किया। वैज्ञानिकों ने ताइवान में भूरे रंग के पिट वाइपर की स्टडी से जांचना चाहा कि कौन-सा जीन जहर पैदा करने के लिए जरूरी होता है और सामान्य तौर पर यह कितने जीवों में पाया जाता है। शोध के सह-लेखक अग्नीश बरूआ ने बताया कि जंतु जगत में जीन्स के प्रभाव से लार ग्रंथियां 100 से ज्यादा बार विकसित हुई हैं या जरूरत के हिसाब से बदली हैं। वैज्ञानिकों ने पाया कि जुबानी जहर बनने के पीछे लार ग्रंथियों के विकास के साथ ही मॉलीक्यूलर मैकेनिक्स भी काम करती है। इंसानों में टूल किट मौजूद होने के बावजूद भी जहरीला रसायन नहीं बन पाता क्योंकि प्रकृति इलाज और सुरक्षा के लिए जीवों को जहर देती है। जहर किस तरह का होगा, यह जीव के रहन-सहन पर निर्भर करता है। इंसानों ने जहर बनाने की प्रक्रिया उत्पत्ति के दौरान ही खो दी थी। वे अपनी रक्षा, इलाज आदि अलग तरह से करते हैं।

हाउसकीपिंग जीन्स बनाता है प्रोटीन-
शोधकर्ता एलेक्जेंडर मिखेयेव के अनुसार इंसानों समेत कई जीवों में एक हाउसकीपिंग जीन्स होता है, जो विषाक्त पदार्थ शरीर के अंदर बनाता है, लेकिन यह जहर नहीं होता। इंसानों के थूक में विशेष कैलीक्रेन्स प्रोटीन निकलता है। कैलीक्रेन्स अन्य प्रोटीन पचाता है व आसानी से म्यूटेट नहीं होता। सांपों और अन्य जहरीले जीवों में यही प्रोटीन म्यूटेट हो जाता है, जो जहर बनाने का सिस्टम विकसित करता है।

कैलीक्रेन्स का है सारा खेल-
वैज्ञानिकों के अनुसार कैलीक्रेन्स जहरीले जीवों के जहर में जरूर मिलता है। यही प्रोटीन है, जो इंसानों में जहर पैदा करने की क्षमता रखता है। हालांकि इंसानों में यह आसानी से विकसित नहीं होता। पर आज भी इंसानों में जहर बनाने का टूल किट मौजूद है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Monsoon Alert : राजस्थान के आधे जिलों में कमजोर पड़ेगा मानसून, दो संभागों में ही भारी बारिश का अलर्टमुस्कुराए बांध: प्रदेश के बांधों में पानी की आवक जारी, बीसलपुर बांध के जलस्तर में छह सेंटीमीटर की हुई बढ़ोतरीराजस्थान में राशन की दुकानों पर अब गार्ड सिस्टम, मिलेगी ये सुविधाधन दायक मानी जाती हैं ये 5 अंगूठियां, लेकिन इस तरह से पहनने पर हो सकता है नुकसानस्वप्न शास्त्र: सपने में खुद को बार-बार ऊंचाई से गिरते देखना नहीं है बेवजह, जानें क्या है इसका मतलबराखी पर बेटियों को तोहफे में देना चाहता था भाई, बेटे की लालसा में दूसरे का बच्चा चुरा एक पिता बना किडनैपरबंटी-बबली ने मकान मालिक को लगाई 8 लाख रुपए की चपत, बलात्कार के केस में फंसाने की दी थी धमकीराजस्थान में ईडी की एन्ट्री, शेयर ब्रोकर को किया गिरफ्तार, पैसे लगाए बिना करोड़ों की दौलत

बड़ी खबरें

'हर घर तिरंगा' अभियान में शामिल हुई PM नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन, बच्‍चों के संग फहराया राष्‍ट्रीय ध्‍वज7,500 स्टूडेंट्स ने मिलकर बनाया सबसे बड़ा ह्यूमन फ्लैग, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नामबिहारः सत्ता गंवाते ही NDA के 3 सांसद पाला बदलने को तैयार, महागठबंधन में शामिल होने की चल रही चर्चा'फ्री रेवड़ी ' कल्चर व स्कूल के मुद्दे पर संबित्र पात्रा ने AAP को घेरा, कहा- 701 स्कूलों में प्रिंसिपल नहीं, 745 स्कूलों में नहीं पढ़ाया जाता विज्ञानPM मोदी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेने वाले दल से मुलाकात की, कहा- विजेताओं से मिलकर हो रहा गर्वप्रियंका के बाद अब सोनिया गांधी भी दोबारा हुईं कोरोना पॉजिटिव, तेजस्वी यादव ने कल ही की थी मुलाकातजम्मू कश्मीर में टेरर लिंक मामले में बिट्टा कराटे की पत्नी समेत चार सरकारी कर्मचारी बर्खास्त2009 में UPSC किया टॉप, 2019 में राजनीति के लिए नौकरी छोड़ी, अब 2022 में फिर कैसे IAS बने शाह फैसल?
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.