Unlock 5.0 : अमरीका और ब्रिटेन में स्कूल खुलने से बढ़े कोरोना के मामले, भारत में इस बात पर जोर

  • अमरीका और ब्रिटेन में स्कूल खुलने से बढ़े कोरोना के मामले।
  • भारत में राज्य सरकारों को जरूरी सतर्कता बरतने के निर्देश।
  • छात्रों को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं कर सकते स्कूल प्रबंधक।

नई दिल्ली। अनलॉक 5.0 ( Unlock 5.0 ) पर अमल आज से भारत में शुरू हो गया है। इस फेज में केंद्र सरकार ने स्कूलों और कोचिंग संस्थानों को खोलने को लेकर अंतिम फैसला लेने का काम राज्य सरकारों पर छोड़ दिया है। हालांकि इस पर अमल 15 अक्टूबर से होगा, लेकिन अभी से केंद्र के रुख पर चर्चा शुरू हो गई है।

चर्चा शुरू होने के पीछे मुख्य वजह केंद्र सरकार द्वारा स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग व अन्य शिक्षण संस्थानों को दोबारा खोलने की इजाजत देना है। केंद्र ने राज्य सरकारों को 15 अक्टूबर के बाद स्थितियों के अनुरूप इस बारे में फैसला लेने को कहा है। साथ ही जरूरी सतर्कता बरतने को कहा है।

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अमरीका में बढ़े 10% मामले

लेकिन सतर्कता के बावजूद अमरीका और ब्रिटेन की रिपोर्ट स्कूल खोलने पर चिंता बढ़ाने वाली है। ऐसा इसलिए कि दोनों देशों में स्कूलों के फिर खुलने से बच्चों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में बढोतरी हुई है। अमरीकन अकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स की मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि स्कूली बच्चों में संक्रमण के मामले स्कूल खुलने के बाद 10 फीसदी बढ़े हैं।

अमरीका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र ने कहा है कि सितंबर की शुरुआत में ही कोरोना मामलों का ग्राफ बढ़ा है। सीडीसी रिपोर्ट में कहा गया है कि छोटे बच्चों की तुलना में लगभग दोगुना अधिक किशोर संक्रमित थे।

अमरीकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अध्यक्ष डॉ सैली गोजा ने बच्चों में संक्रमण की बढ़ती दर को चिंता का विषय है। संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए सैली गोजा ने कहा कि कोराना काल में मास्क, हाथ धोने, शारीरिक दूरी जैसी अन्य सावधानियां जरूरी है।

हेल्थ स्पेशलिस्टों का कहना है कि जिस तरह से कॉलेज के छात्र पार्टी से कोरोना की चपेट में आ सकते हैं, उसी तरह स्कूली बच्चे भी खेलकूद और अन्य गतिविधियों के दौरान कोविद-19 का शिकार हो सकते हैं।

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कोरोना से बचने को भारत की तैयारी

ये अनलॉक 5.0 गाइडलाइन में केंद्र सरकार ने कहा है कि 15 अक्टूबर के बाद अगर स्थितियां अनुकूल हों तभी स्कूल व अन्य शिक्षण संस्थान खोले जाएं। स्कूल खोलने के बावजूद छात्रों की क्लास में मौजूदगी के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। जो छात्र स्वेच्छा से स्कूल आएंगे उनके अभिभावकों से लिखित में सहमति लेना अनिवार्य है।

इतना ही नहीं थर्मल टेस्टिंग, सैनिटाइजेशन, सोशल डिस्टेंसिंग, फेस मास्क आदि पर सख्ती के साथ अमल करने को कहा गया है। राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को स्कूलों व अन्य शिक्षण संस्थानों को खोलने से पहले प्रबंधकों सलाह लेने का निर्देश दिया गया है।

डिस्टेंस लर्निंग पर जोर

इसके अलावा, ऑनलाइन एजुकेशन या डिस्टेंस लर्निंग जारी रहेगा और इसे लगातार प्रोत्साहित किया जाएगा। जो स्कूल ऑनलाइन क्लासेस चला रहे हैं और उनके छात्र अगर स्कूल आने के बजाय ऑनलाइन पढ़ना चाहते हैं तो उन्हें ऐसा करने की अनुमति दी जाएगी। साथ ही उच्च शिक्षा विभाग और शिक्षा मंत्रालय कॉलेज व उच्च शिक्षण संस्थान खोलने का निर्णय गृह मंत्रालय की सलाह से ले सकते हैं।

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