
राम मंदिर पर फैसले के बाद विहिप का बड़ा ऐलान, छह दिसंबर को नहीं मनाया जाएगा शौर्य दिवस, बताई बड़ी वजह
मेंगलुरू/नई दिल्ली। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने नए साल में राम मंदिर का निर्माण करने व समाज से जाति प्रथा का खात्मा करने का संकल्प लिया है। कोर्ट के इसके पक्ष में फैसला आने के साथ संघ से संबद्ध संगठन मंदिर निर्माण शुरू करना चाहता है।
विहिप ने एक बयान में कहा, "श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के रास्ते की बाधाएं दूर हो गई हैं। अगर भगवान राम ने चाहा तो अयोध्या में उनके जन्मस्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण शुरू हो सकता है।"
विहिप का यह बयान मेंगलुरू से जारी हुआ, जहां तीन दिवसीय बैठक चल रही है। विहिप ने हिंदू समुदाय से अलगे साल देश व दुनिया भर में राम उत्सव मनाने का आग्रह किया। इसमें कहा गया कि उन सभी गांवों में बड़े उत्सव किए जाएंगे, जहां से ईंटें राम मंदिर के निर्माण के लिए भेजी गईं।
अगले साल विहिप के लिए दो महत्वपूर्ण दिन होंगे। इसमें राम नवमी 2 अप्रैल को भगवान राम के जन्मदिन पर मनाई जाएगी और हनुमान जयंती 8 अप्रैल को मनाई जाएगी। विहिप ने इन समारोहों को भव्य बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
इसी तरह विहिप के भी नए साल को लेकर संकल्प हैं। जाति प्रणाली को खत्म करने के अलावा, इसकी योजना महिलाओं की सुरक्षा व 'लव जिहाद' के खिलाफ काम करने की है। इसने आर्थिक व शैक्षिक असमानता को लेकर भी चिंता जाहिर की है। इसने इसे भी अपने नए साल की कार्य सूची में शामिल किया है।
इस बीच विहिप बोर्ड के ट्रस्टियों ने हिंदू विरोधी साजिशों को लेकर एक संकल्प पारित किया है, जिसे तेलंगाना व आंध्र प्रदेश की सरकारों ने दक्षिण भारत में किया है। विहिप ने दावा किया कि हिंदू मंदिरों पर लगातार हमले हो रहे हैं। विहिप ने कहा कि अगर दोनों राज्य इसे रोकने में विफल रहे तो इसे लेकर वह 'व्यापक आंदोलन' करेगी।
Updated on:
29 Dec 2019 08:51 pm
Published on:
29 Dec 2019 08:46 pm
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