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पत्रिका चेक: लॉकडाउन बढ़ने को लेकर WHO के नाम से वायरल मैसेज की क्या है सच्चाई , जानें यहां ?

दरअसल व्हाट्सएप, ट्विटर, फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस समय WHO Protocals के नाम से मैसेज वायरल हो रहा है। इस मैसेज में WHO के लैटर पैड पर लॉकडाउन को लेकर स्टेप बाई स्टेप जानकारी साझा की गई है। पत्रिका फैक्ट चेक टीम ने इसकी पड़ताल की तो सच्चाई कुछ और ही निकली।  

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नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस को प्रकोप तेजी से फैल जा रहा है। संक्रमण पर रोक लगाने कि लिए देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन लागू है। इस बीच सोशल मीडिया पर WHO प्रोटोकॉल के नाम से एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें दावा किया गया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत में हालात को देखते हुए लॉकडाउन बढ़ाने का आदेश दिया है। मैसेज में अलग-अलग चरणों में लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने की चर्चा की गई है।

क्या है वायरल मैसेज?

दरअसल व्हाट्सएप, ट्विटर, फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस समय WHO Protocals के नाम से मैसेज वायरल हो रहा है। इस मैसेज में WHO के लैटर पैड पर लॉकडाउन को लेकर स्टेप बाई स्टेप जानकारी साझा की गई है।

मैसेज में साफ लिखा गया है कि WHO के लॉकडाउन प्रक्रिया के मुताबिक पहले फेज में एक दिन का लॉकडाउन किया जाएगा, दूसरे फेज में 21 दिन का लॉकडाउन होगा और फिर पांच दिनों के लिए लॉकडाउन को हटा दिया जाएगा। ।उसके बाद तीसरा फेज लागू होगा जो 28 दिनों तक चलेगा। इसमें भी पांच दिनों की छूट मिलेगी और अंतिम लॉकडाउन 15 दिनों का होगा।

इस मैसेज को लेकर लोगों के अंदर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। लोगों को लगने लगा है कि वाकई सरकार लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाने पर विचार कर रही है। वायरल मैसेज को लेकर लोग परेशान हो रहे हैं। पत्रिका फैक्ट चेक टीम ने जब इस मैसेज की हकीकत जानने की कोशिश की तो सच्चाई कुछ अलग ही निकलकर सामने आई।

क्या है वायरल मैसेज की सच्चाई ?

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