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प्रोफेसर यशपाल कौन थे, जानिए उनकी 10 महत्वपूर्ण बातें

 महान वैज्ञानिक और शिक्षाविद् यशपाल का निधन हो गया। प्रोफेसर यशपाल ने अपने करियर की शुरुआत टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च से की  थी।

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lalit fulara

Jul 25, 2017

Professor Yashpal

Professor Yashpal

नई दिल्ली। दो दिन में देश ने दो महान वैज्ञानिक खो दिए। सोमवार को आर्यभट्ट के जनक प्रोफेसर यूआर राव का निधन हुआ तो आज 90 वर्ष की उम्र में महान वैज्ञानिक और शिक्षाविद् यशपाल का निधन हो गया। 26 नवंबर 1926 को झांग (वर्तमान पाकिस्तान) जन्मे प्रोफेसर यशपाल ने अपने करियर की शुरुआत टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च से की थी।


आइए जानते हैं प्रोफेसर यशपाल से जुड़ी 10 महत्वपूर्ण बातें

- प्रोफेसर यशपाल को 1973 में सरकार ने स्पेस एप्लीकेशन सेंटर का पहला डायरेक्टर नियुक्ता किया था।

- यशपाल उन लोगों में शामिल थें, जिन्हे भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनकर कहा जाता है।

- यशपाल को कौसमिक किरणों पर गहरे अध्ययन के लिए भी जाना जाता है।

- प्रोफेसर यशपाल ने ही पहली बार बच्चों पर बस्ते के बढ़ते बोझ पर सरकार का ध्यान केंद्रित किया।

- 1993 में बच्चों की शिक्षा में ओवरबर्डन के मुद्दे पर भारत सरकार ने यशपाल की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई, जिसे यशपाल कमेटी का नाम दिया गया।

- यशपाल कमेटी ने लर्निंग विथाउट बर्डन नाम की रिपोर्ट बनाई, यह रिपोर्ट शिक्षा के क्षेत्र में बेहद प्रासंगिक है।

- विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए 2009 में यूनेस्को ने प्रोफेसर यशपाल को कलिंग से सम्मानित किया।

- प्रोफेसर यशपाल को भारत सरकार ने 1976 में पद्म भूषण और 2013 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया।

- यशपाल दूरदर्शन पर टर्निंग प्वाइंट नाम के साइंटिफिक प्रोग्राम को होस्ट भी करते थे, जो काफी लोकप्रिय था।

- वर्ष 2007 से 2012 तक प्रोफेसर यशपाल जवाहर लाल विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर रहे। पाल ने यूजीसी के मुखिया के तौर पर भी काम किया है।