एक मार्च से शुरु होगा टीकाकरण, जानिए किन्हें फ्री में मिलेगी कोरोना वैक्सीन, इन प्रश्नों के उत्तर भी जानिए

- सरकारी अस्पतालों में 60 वर्ष से ऊपर लोगों व 45 से अधिक उम्र वाले रोगियों को फ्री ।
- प्राइवेट अस्पतालों में टीका लगवाने पर चुकाने होंगे पैसे।
- यों चलेगा दूसरा चरण- 10,000 सरकारी अस्पताल, 20,000 प्राइवेट अस्पताल।

नई दिल्ली। देश में टीकाकरण का दूसरा चरण एक मार्च से शुरू होगा। सरकारी अस्पतालों में 60 से अधिक उम्र और 45 से ज्यादा आयु वाले को-मॉर्बिडिटीज (गंभीर और पुरानी बीमारी) वाले लोगों को मुफ्त टीका लगाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने बुधवार को बताया कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला हुआ। देश में पहली बार इस चयनित आयु वर्ग के लोगों का प्राइवेट अस्पतालों में भी टीकाकरण किया जा सकेगा। लेकिन इसके लिए उन्हें पैसे चुकाने होंगे। उन्होंने बताया कि अब तक टीकाकरण के तहत 1 करोड़ 7 लाख 67 हजार लोगों का टीकाकरण हुआ है, जबकि 14 लाख से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की दूसरी खुराक दी गई है।

क्यों बढ़ाई आयु सीमा -
पूर्व में सरकार ने दूसरे चरण में 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को मुफ्त टीके का कहा था पर संख्या अधिक होने के कारण इसे बढ़ाकर 60 वर्ष से अधिक कर दिया।

सर्टिफिकेट जरूरी -

  • 45 से ज्यादा आयु वाले को-मॉर्बिड लोगों को बीमारी का सर्टिफिकेट जरूरी।
  • प्राइवेट अस्पतालों में टीका की कीमत के बारे में जल्द फैसला।
  • सरकारी अस्पतालों में टीका लगवाने वाले 60 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों का डेटा ही को-विन ऐप 2.0 पर रेकॉर्ड होगा।
  • पीएम, मंत्री व सीएम भी स्वेच्छा के अनुसार टीका लगवा सकेंगे।

प्राइवेट की भागीदारी इसलिए -

  • 45 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों की बड़ी आबादी। सरकारी अस्पतालों के भरोसे बहुत समय लगता।
  • महाराष्ट्र और तेलंगाना में कोरोना के दो नए देसी स्ट्रेन सामने आए, दूसरी लहर की आशंका उठ रही है।
  • अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर सरकार पीछे नहीं जाना चाहती। लॉकडाउन-2021 के लिए कतई तैयार नहीं।

बेहतर कदम
आइसीएमआर के पूर्व महानिदेशक एनके गांगुली ने कहा है कि निजी क्षेत्र को कोरोना टीकाकरण अभियान में शामिल करना अच्छा कदम है। हमारे यहां टीका बनाने से ले कर उन्हें लगाने तक में निजी क्षेत्र काफी समय से सक्रिय रहा है। कोरोना के संबंध में भी विभिन्न दूसरे देशों में ऐसा किया जा रहा है। प्राइवेट अस्पताल और नर्सिंग होम के पास ढांचागत सुविधा है और वे मुख्य जगहों पर स्थित भी हैं। जो लोग अपने खर्च से लगा सकते हैं अगर वे प्राइवेट सेक्टर में जाएंगे तो सरकार जरूरतमंद लोगों की ज्यादा मदद कर पाएगी। अब चूंकि 27 करोड़ की बड़ी आबादी तक पहुंचना है तो इसके लिए भी इनकी जरूरत होगी। लोगों को भी ज्यादा विकल्प मिलेंगे। आने वाले समय में जब एक साथ चार-पांच टीके एक साथ आ जाएंगे तब भी यह ढांचागत सुविधा काम आएगी।

टीके से जुड़े सवाल
कौन से दस्तावेज जरूरी?
आधार और मतदाता पहचान पत्र जरूरी होंगे। को-विन ऐप पुष्टि करेगा।

को-मॉर्बिड श्रेणी में कौन?
फिलहाल सरकार ने स्पष्ट नहीं किया। लेकिन डायबिटीज, हाइपर टेंशन, कैंसर, किडनी और ह्रदय रोगी शामिल हो सकते हैं।

आयु का निर्धारण कैसे होगा?
मतदाता पहचान पत्र में दर्ज जन्मतिथि के हिसाब से गणना होगी। जिला कलक्टर के पास होंगे अधिकार

क्या जगह और टीका लगवाने के समय के चयन का विकल्प होगा?
जी हां, को-विन ऐप पर रजिस्ट्रेशन के बाद आपको जगह और टीका लगवाने के चयन का विकल्प होगा

दूसरे राज्य का आइडी होने पर भी वर्तमान राज्य में टीका लग सकेगा?
जी हां, कहीं भी टीका लगवाने का विकल्प। यानी वर्तमान में राजस्थान में रहने वाला मध्यप्रदेश का व्यक्ति राजस्थान में टीका लगवा सकेगा।

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सुनील शर्मा
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