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मुंबई हाईकोर्टः महिलाओं को मंदिर जाने से रोका तो होगी जेल

कोर्ट ने कहा कि धर्मस्थल में प्रवेश को लेकर किसी तरह का भेदभाव गलत है, मंदिर में पूजा करना और दर्शन करने का अधिकार सबको है, इससे किसी को रोका जाना ठीक नहीं है

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Abhishek Tiwari

Apr 01, 2016

Shanishingnapur Issues

Shanishingnapur Issues

मुंबई। शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि मंदिर में प्रवेश को लेकर किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए।

कोर्ट ने कहा कि धर्मस्थल में प्रवेश को लेकर किसी तरह का भेदभाव गलत है। मंदिर में पूजा करना और दर्शन करने का अधिकार सबको है, इससे किसी को रोका जाना ठीक नहीं है।

हो सकती है छह महीने की जेल
महिलाओं के हक में फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि अगर कोई शख्स किसी को मंदिर में प्रवेश करने से रोकता है तो उसे छह महीने की जेल हो सकती है।

महिलाओं के अधिकारों का संरक्षण करना सरकार का काम
बता दें कि महाराष्ट्र के अहमदनगर में स्थित शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक थी। जिसके खिलाफ भूमाता रागिनी ब्रिगेड की अगुवाई में महिलाओं ने आंदोलन शुरू किया था। महिलाओं की ओर से पेश वकील की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि ऐसा कोई कानून नहीं है जो महिलाओं को कहीं भी जाने से रोके। यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह महिलाओं के अधिकारों का संरक्षण करे।

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