महिला दिवस पर बॉलीवुड फिल्म निर्माता और निर्देशक एकता कपूर की लड़कियों को सीख। पत्रिका कीनोट सलोन में बोलीं एकता कपूर कि लड़कियों को सोचने की आजादी देनी होगी।
जयपुर। देश की मशहूर निर्माता-निर्देशक एकता कपूर ने महिला दिवस के मौके पर पत्रिका कीनोट सलोन में कहा कि आज की लड़कियों को समझना चाहिए कि उन्हें किसी की भी जरूरत नहीं है। आज के वक्त में जरूरत और साथ में अंतर समझना चाहिए। लड़कियों को केवल साथ चाहिए। अगर आगे जाना है तो लड़कियों को एक बात समझनी होगी कि खुद में अपने आप को तलाशेंगे तो पूरी दुनिया मिल जाएगी, लेकिन दुनिया में खुद को तलाशेंगे तो कुछ नहीं मिलेगा।
एकता कपूर पत्रिका कीनोट सलोन में सवालों के जवाब दे रही थीं। शो के मॉडरेटर पत्रिका के शैलेंद्र तिवारी एवं एफएम तड़का के आरजे सूफी रहे। एकता कपूर ने एक सवाल के जवाब में कहा, शादी आपको कब करनी चाहिए, यह निर्णय लड़की का होना चाहिए। उसे जब लगे कि वह तैयार है, उसे आजादी होनी चाहिए। लड़की के जीवन में शादी होना न होना, करना न करना, यह उसका निर्णय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्किंग लड़कियां हों या फिर घर में रहने वाली लड़की, सबका संघर्ष बराबर है।
पुरुषों के मुकाबले महिला ज्यादा बेहतर बॉस
फीमेल बॉस के सवाल पर एकता ने कहा, आपको अग्रेसिव होने का अधिकार नहीं है। गुस्सा, तेज बोलना मेल बॉस पर ठीक लगता है, लेकिन अगर यह लड़की कर दे तो उसे पागल, ऐंठ, घमंडी और 'बेवकूफ' कहा जाता है। महिला बॉस हमेशा अपने दूसरे कर्मचारियों के बारे में सोचती हैं।
ओटीटी के लिए हो लक्ष्मण रेखा
एकता ने कहा कि ओटीटी के लिए कहीं न कहीं लक्ष्मण रेखा होनी चाहिए। लेकिन कौन तय करेगा, किसकी कहां तक लक्ष्मण रेखा है। सामाजिक सीमा होती है, व्यक्तिगत सीमा होती है। आपको अपनी सीमा खुद तय करनी होगी, दूसरे तय नहीं करेंगे। आपको अच्छा और बुरा तय करने का हक है। रेगुलेशन जरूरी होते हैं, लेकिन सेल्फ रेगुलेशन होगा तो ज्यादा बेहतर होगा। इंडस्ट्री में बोर्ड बनाकर भी हम तय कर सकते हैं।