पोप फ्रांसिस ने कहा, हम उन्हें संतों की श्रेणी में स्वीकार करते हैं और अब से वह पूरी दुनिया के सभी कैथोलिक चर्चों में संत के रूप में पूजी जाएंगी। हे परमपिता, हे ईसू, हे पवित्र आत्माएं इसे स्वीकार करें। वेटिकन प्रेस विभाग के अनुसार, इस अवसर का गवाह बनने करीब 1,20,000 लोग इकट्ठा हुए थे। उल्लेखनीय है कि मदर टेरेसा के निधन के बाद से कैथोलिक और गैर-कैथोलिक इसाई समान रूप से उन्हें संत की उपाधि दिए जाने का इंतजार कर रहे थे।