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काला धन लेकर बैंक पहुंचे तो इनकम टैक्स विभाग ऐसे करेगा कार्रवाई

जानिये काला धन वालों पर किन कानूनी प्रक्रियाओं के तहत होगी कार्रवाई। 

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rohit panwar

Nov 10, 2016

black money Income tax department

black money Income tax department

नई दिल्ली. अगर किसी के पास काला धन है और वो बैंक में पुराने नोट बदलने या जमा करने जाता है तो उसकी जानकारी बैंक तुरंत इनकम टैक्स विभाग को देंगे। पैन नंबर देने से सारी जानकारी मिल जाएगी। इसके बाद इनकम टैक्स सालाना आय का पता लगाएगा। इसके लिए नोटिस जारी किए जाएंगे।

142 (1) सेक्शन के तहत नोटिस

यह पहला नोटिस होगा। इसके तहत 15 दिन के भीतर आईटीआई फाइल कर आय घोषित करने का आदेश दिया जाएगा। पिछले तीन साल की आय की जानकारी मांगी जाएगी। विभाग असेसिंग ऑफिसर (एओ) को सभी बैंक खातों व संपत्तियों का ब्योरा जुटाने के लिए आपके घर भेज सकता है।

नोटिस पर कुछ न किया तो..

अगर कोई 142(1) के नोटिस में कही गई बातों पर अमल नहीं करता है या जवाब नहीं देता है तो असेसिंग ऑफिसर (एओ) सेक्शन 144 के तहत आपकी आय और उस पर लगने वाले टैक्स के आधार पर खुद से पैनल्टी लगा सकता है। आप एओ को कानूनी कार्रवाई करने के लिए किसी भी तरह से नहीं रोक पाएंगे। आदेश न मानने पर अन्य पैनल्टी से इतर चार रुपये प्रति दिन और कुछ तय तिथि के बाद 10 रुपये प्रति दिन के हिसाब से पैनल्टी ली जाएगी। एक साल तक की कैद की सजा का भी प्रावधान है।

आय छुपाई तो सेक्शन 148 से कार्रवाई

यदि यह साबित होता है कि आपने आय छुपाई है तो सेक्शन 148 के तहत नोटिस भेज कार्रवाई हो सकती है। एओ छह साल की आय का रिकॉर्ड मांगेगा। आय साबित करने के लिए तमाम जरूरी कानूनी दस्तावेज देने होंगे। अगर ऐसा नहीं किया तो सेक्शन 156 के तहत अगली कार्रवाई होगी। इसमें इनकम टैक्स अधिकारी इनकम में गड़बड़ी पाए जाने पर टैक्स और उसके साथ पैनल्टी तय करने का अधिकार रखता है।

सेक्शन 153 में छापा

काला धन रखे जाने का शक होने पर सेक्शन 153 (ए) के तहत घर या अन्य संपत्ति पर छापा मारा जाएगा। इस कार्रवाई से पहले विभाग कोई नोटिस जारी नहीं करता। इस दौरान घर या दफ्तर में पैसा, गोल्ड या प्रॉपटी के पेपर मिलते हैं, उन्हें सरकारी कब्जे में कर लिया जाता है।

पहले से मामला विभाग में होने पर

अगर इनकम टैक्स विभाग पहले से ही आपकी आय का पता लगा रहा है और इस बीच आप बैंक में 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट बदलने जाते हैं तो बैंक को जैसे ही आप पुराने नोट देंगे वो सब इनकम टैक्स को तुरंत पता लग जाएगा। इसके बाद सेक्शन 144 (ए) के तहत कार्रवाई होगी।

कम आय घोषित करने पर

अगर कोई आईटीआर फाइल कर आय घोषित करता रहा है मगर वो टैक्स बचाने के लिए कम आय दिखाता रहा है तो ऐसे लोगों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। यदि ऐसे लोग बैंक में पुराने नोट जमा कराने पहुंचे हैं तो उसकी जानकारी इनकम टैक्स विभाग को पता लग जाएगी। ऐसी स्थिति में कोई यह नहीं कह सकता कि वो आईटीआर भरता है। विभाग सेक्शन 143 (2) के तहत कार्रवाई का नोटिस भेजेगा। जमा की जाने वाली रकम की जानकारी पूछी जाएगी। बैंक खाते और स्रोत मांगा जाएगा। 31 अक्तूबर 2017 तक कभी भी नोटिस भेजा जा सकता है। इसके बाद 143 (3) सेक्शन के तहत तय की गई पैनल्टी और मोटा टैक्स देना होगा।

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