मुसलमानों में शिक्षा की अलख जगा रहे पीएम। तालीम को अपना आधार बनाएं अल्पसंख्य समुदाय के युवा।
नई दिल्ली। गुजरात के मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी के एक्स-चांसलर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी जफर सरेशवाला ने एक बार फिर केंद्र सरकार की नीतियों की तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि मोदी मुस्लिम समाज में शिक्षा, बैंकिंग और स्टॉक मार्केटिंग के प्रति जागरूकता की अलख जगा रहे हैं। मुल्क की तरक्की के लिए स्टॉक मार्केट में भागीदारी की बेहद जरूरत है।
स्टॉक मार्केट की पहुंच से युवा और महिलाएं काफी दूर
मीडिया एजेंसी से बातचीत में तालीम-ओ-तरबियत अभियान की चर्चा करते हुए सरेशवाला ने कहा कि भारत में पढ़े-लिखे युवा और महिलाएं अभी इससे काफी दूर हैं। खासकर मुसलमानों को इससे जोड़ने के लिए एक ग्रुप होना चाहिए। मुसलमानों के पास राजनीति में अब कोई जगह नहीं है। कौम की परेशानियों को उठाने वाले अब न के बराबर है।
उन्होंने कहा है कि कोई भी समाज बिना शिक्षा के तरक्की नहीं कर सकता। इस बात को ध्यान में रखते हुए हमने तालीम ओ तरबियत नाम से एक मूवमेंट शुरू की। हम 47 शहरों में कार्यक्रम आयोजित कर चुके हैं। हाल ही में हमने अयोध्या में किया जो काफी अच्छा रहा। मुसलमानों को अगर योग्य बनना है तो उसका एक ही रास्ता है तालीम। इसके अलावा अन्य कौशल जैसे वित्तीय साक्षरता स्टॉक मार्केट, इन्वेस्टमेंट से भी मुस्लिम युवाओं को जोड़ने की जरूरत है।