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अमरीकी रक्षामंत्री के पहुंचते ही काबुल एयरपोर्ट पर हमला, लगातार 10 रॉकेट लॉन्चर दागे

हमला भारत दौरे के बाद अफगानिस्तान पहुंचे अमरीकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस के काबुल पहुंचने के तुरंत बाद हुआ है।

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Dharmendra Chouhan

Sep 27, 2017

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काबुल. अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के हमीद करजई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रॉकेट लॉन्चर दागे गए हैं। यह हमला भारत दौरे के बाद अफगानिस्तान पहुंचे अमरीकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस के काबुल पहुंचने के तुरंत बाद हुआ है। मैटिस के काबुल पहुंचने के थोड़े ही देर के भीतर एक के बाद एक 10 रॉकेट गिराए गए हैं। खबर लिखे जाने तक इस हमले में किसी जनहानि की खबर नहीं है। न ही किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और न ही यह बताया जा रहा है कि यह आतंकी हमला है या कुछ और। इस हमले के बाद काबुल एयरपोर्ट से सभी उड़ानें रोक दी गईं हैं। सुरक्षा के लिहाज से इसे तुरंत खाली कराया गया है। डोनाल्ड ट्रंप के अमरीका के राष्ट्रपति बनने के बाद किसी भी अमरीकी कैबिनेट मंत्री का यह पहला अफगानिस्तान दौरा है। आपको बता दें कि भारत आने से पूर्व उनका अफगानिस्तान दौरा तय नहीं था।

मैटिस ने मंगलवार को मोदी से की मुलाकात
भारत यात्रा पर पहुंचे अमरीकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने शांति, स्थिरता तथा आतंकवाद से लडऩे के लिए साझा प्राथमिकताओं के लिहाज से भारत और अमरीका में सहयोग पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने इस साल जून में हुई अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ व्यापक, स्पष्ट और सकारात्मक बातचीत को याद किया। मैटिस ने प्रधानमंत्री को द्विपक्षीय एजेंडा को आगे बढ़ाने में तथा उनकी अमरीका यात्रा के दौरान लिए गए फैसलों को लागू करने में हुई प्रगति की जानकारी दी। इससे पहले मैटिस ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से विस्तार से वार्ता की। रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण और अमरीका के रक्षामंत्री जेम्स मैटिस के बीच आतंकवाद, अफगानिस्तान सहित अन्य मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। दोनेां के बीच हुए द्विपक्षीय वार्ता के बाद रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने एक कहा था कि हमारे पड़ोस की स्थिति और सीमा-पार आतंकवाद के बढ़ते खतरे पर विस्तार से चर्चा हुई है। इस मुद्दे पर हम दोनों देशों के रुख में समानता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष इस बात का महत्व समझते हैं कि उन लोगों को देखना होगा जो आतंकवाद को अपनी राष्ट्रनीति के उपकरण के तौर पर इस्तेमाल करते हैं और उस आधारभूत ढांचे को नष्ट किया जाए जो आतंकवाद का समर्थन करता है। रक्षामंत्री का पद संभालनेवाली निर्मला सीतारमण की यह पहली अहम रक्षा वार्ता थी।