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अफगानिस्तान: शांति और सौहार्द की अनोखी मिसाल, सैनिकों और तालिबानी आतंकियों ने मिलकर मनाई ईद

ईद पर अफगानिस्तानी सैनिकों और तालिबानी आतंकियों ने पेश की अनूठी मिसाल।
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नई दिल्ली

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Shiwani Singh

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Updated: 16 Jun 2018, 5:30 PM IST

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अफगानिस्तान: शांति और सौहार्द की अनोखी मिसाल, सैनिकों और तालिबानी आतंकियों ने मिलकर मनाई ईद

काबुल। जहां एक ओर पूरी दुनिया आतंकवाद से लड़ रही है वहीं, अफगानिस्तान में शांति और सौहार्द की एक अच्छी मिसाल देखने को मिली। अफगानिस्तान में इस बार कुछ अलग तरीके से ईद मनाई गई। बता दें कि 22 साल में पहली बार तालिबान आतंकियों और अफगानिस्तान सैनिकों ने मिलकर ईद मनाई।

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सैनिकों और आतंकियों ने एक दूसरे को दी ईद की बधाई

ईद के मौके पर सैनिक और आतंकी एक-दूसरे से गले मिलते और हाथ मिलाते दिखे। वहीं, उन्होंने एक दूसरे के साथ सेल्फी भी ली। हांलाकि, अफगानिस्तान सरकार ने इस बात की पुष्टि नहीं की है। लेकिन पाकिस्तान के मीडिया और सोशल मीडिया पर अफगान सैनिकों और आतंकियो के ईद मिलन की तस्वीरें लगातार वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों में सैना और आतंकी एक दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद देते दिख रहे हैं।

अफगान सरकार ने किया था संघर्ष विराम का ऐलान

आपको बता दें कि अफगानिस्तान सरकार ने रमजान के पावन पर्व को देखते हुए संघर्ष विराम का ऐलान किया था। वहीं, रमजान के खत्म होते ही 13 जून को संघर्ष विराम का ऐलान समाप्त कर दिया गया। फिर इसके बाद तीन दिन और संघर्ष विराम घोषित किया।

24 घंटे में नहीं हुई कोई हिंसा

अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्री मसूद अजीजी ने बताया, 'संघर्ष विराम के दौरान देशभर में नजर रखी जा रही थी। अच्छी बात यह रही कि इस दौरान कोई हमला नहीं हुआ। वहीं, हेलमंद, कंधार और जाबुल प्रांत के गवर्नरों ने भी बताया कि बीते 24 घंटे में यहां हिंसा की कोई घटना नहीं घटी है। यहां अब तक सब कुछ ठीक चल रहा है दोनों तरफ से शांति बनी हुई है।

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अभी भी तालिबान में है अमरीकी फौज

गौरतलब है कि अफगानिस्तान में 1996 से 2001 तक तालिबान का शासन रहा था। फिर 2001 में अमरीकी की अगुवाई वाली सेनाओं ने तालिबान को सत्ता से हटा दिया। लेकिन वर्तमान में अभी भी अमरीकी-नाटो और अफगान फौज मिलकर तालिबान से लड़ रही हैं।