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कोरोना से रक्षा के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने कराया शांति पाठ, वाइट हाउस में गूंजे वैदिक श्लोक

Highlights स्वामीनारायण मंदिर (Swami narayan temple) के पुजारी हरीश ब्रह्मभट्ट (Harsh Brahmbhatt ) ने शांति पाठ संपन्न कराया। पुजारी हरीश ब्रह्मभट्ट ने संस्कृत के श्लोकों को पढ़ा और ईश्वार से शांति की प्रार्थना की। अंग्रेजी में अनुवाद कर लोगों को इसका अर्थ भी समझाया।

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Donald trump

वाशिंगटन। अमरीका(America) में कोरोना वायरस (Coronavirus) ने कहर बरपा रखा है। यहां पर अब तक 74 हजार से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। अमरीका में हर मोर्चे में पर स्थिति बदतर होती जा रही है। यहां पर राष्ट्रीय प्रार्थना दिवस के मौके पर वाइट हाउस (White House) के रोज गार्डन में एक हिंदू पुजारी ने पवित्र वैदिक शांति पाठ कराया। जानकारी के अनुसार इस शांति पाठ की सलाह खुद अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दी थी। यह कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी से सुरक्षा और बेहतर सेहत को लेकर की गई थी। यह शांति पाठ पूरे हिंदू रीति-रिवाजों के साथ पूरी कराई गई है। इस दौरान ट्रंप भी मौजूद थे।

इस शांति पाठ को न्यू जर्सी के बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर के पुजारी हरीश ब्रह्मभट्ट ने संपन्न कराया। इस मौके पर उन्होंने संस्कृत के श्लोकों को पढ़ा और ईश्वार से शांति की प्रार्थना की। इस मौके पर कुछ अन्य धर्मों के नेता भी मौजूद थे। इस दौरान ब्रह्मभट्ट ने कई श्लोकों के जरिए कोविड-19 से पैदा समस्या से उभरने की प्रार्थना की। उन्होंने अंग्रेजी में ट्रांसलेट कर वहां उपस्थित लोगों को इसका अर्थ भी समझाया। उन्होंने बताया कि यह यजुर्वेद से ली गई वैदिक प्रार्थना है।

ब्रहमभट्ट ने रोज गार्डन में शांति पाठ के प्रार्थना का अंग्रेजी में अनुवाद किया। ब्रह्मभट्ट ने बताया कि यह प्रार्थना स्वर्ग में शांति की बात करती है। धरती और आसमान में, जल में, पेड़-पौधों पर शांति, फसलों पर शांति हो।

ट्रंप ने प्रार्थना कराने के लिए ब्रहम्भट्ट का आभार प्रकट किया। अपनी टिप्पणी में राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय प्रार्थना दिवस के दिन, अमरीका बेहद भयावह बीमारी के खिलाफ जंग लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इतिहास में भी, हर प्रकार के चुनौतीपूर्ण समय में अमरीकियों ने धर्म, आस्था, प्रार्थना और ईश्वरीय शक्ति पर भरोसा किया है। इस दौरान प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने कोविड-19 के कारण अपनों गंवाने वाले परिवारों के प्रति सहानुभूति प्रकट की।