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नासा के वैज्ञानिकों का दावा, मंगल और चांद की मिट्टी में उग सकती हैं सब्जी समेत कई फसलें

लाल ग्रह (मंगल) और चंद्रमा पर मानव बस्तियां बसाई जा सकती हैं मंगल और चंद्रमा पर उगाई गई फसल से बीज भी प्राप्त किए जा सकते हैं

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वाशिंगटन। नासा के वैज्ञानिकों की बड़ी खोज में यह बात सामने आई है कि कृत्रिम रूप से मंगल ग्रह और चंद्रमा जैसे वातावरण में भी फसल उगाई जा सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि मिट्टी तैयार कर उसमें फसल उगाई जा सकती है। उनका मानना है कि यदि भविष्य में लाल ग्रह (मंगल) और चंद्रमा पर मानव बस्तियां बसाई जाती हैं तो उनके लिए वहां खाद्य पदार्थ उगाए जा सकेंगे।

नीदरलैंड के वगेनिंगेन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार मंगल और चंद्रमा पर उगाई गई फसल से बीज भी प्राप्त किए जाने की संभावना है। इससे नई फसल की पैदावार हो सकेगी। उन्होंने हलीम, टमाटर, मूली, राई, क्विनोआ, पालक और मटर समेत दस अलग-अलग फसल उगाईं।

वगेनिंगेन यूनिवर्सिटी के वीगर वेमलिंक का कहना है कि जब हमने कृत्रिम रूप से तैयार की गई मंगल ग्रह की मिट्टी में उगे पहले टमाटरों को लाल होते देखा तो वह उत्साह से भर गए थे। शोधकर्ताओं ने मंगल ग्रह और चंद्रमा की मिट्टी लेकर सामान्य मिट्टी मिलाकर कृत्रिम रूप से ऐसा वातावरण विकसित किया था।

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