
नई दिल्ली. दुनिया के ताकतवर देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया के हालातों पर आज सुबह 6.30 बजे देश को संबोधित किया और बताया कि वे दमिश्क के बाहर रासायनिक हमले का जवाब देने की योजना कैसे बना रहे हैं। ट्रंप ने अपने वरिष्ठ सैन्य सलाहकारों के साथ पिछले कुछ दिन बिताए और दोउमा में हुए घातक हमले के बाद कार्रवाई करने का फैसला करने के लिए फ्रांस और ब्रिटेन के सहयोगियों से बात की। राष्ट्र को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद के केमिकल हथियारों के ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है. आपको बता दें कि दोउमा पूर्वी घौटा के पूर्व विद्रोही-आयोजित गढ़ में सबसे बड़ा शहर है। इसका केंद्र दमिश्क के केन्द्र से लगभग 10 किमी उत्तर पूर्व है।
रूस ने जाहिर की नाराजगी
उधर…अमरीका के ज्वाइंट चीफ्स चेयरमैन जनरल जोसेफ डुनफोर्ड ने कहा कि सीरियाई सरकार के ऐसे ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे रूसी सुरक्षा बलों के साथ टकराव का जोखिम कम रहे. लेकिन रूस ने अमरीका के खिलाफ सख्त तेवर अख्तियार कर लिया है. अमरीका में रूसी दूतावास ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सीरिया पर हवाई हमले से रूस और अमरीका समेत पश्चिमी देशों के बीच टकराव होने की आशंका बढ़ गई है.क्योंकि सीरिया राष्ट्रपति की मदद करने पर अमरीका ने रूस और ईरान को सावधान करने की सीधी चेतावनी दी है।
रसायनिक हमले में मारे गए थे 75 लोग
दरअसल सीरिया पर हुए रासायनिक हमले को लेकर अमरीका ने बड़ी कार्रवाई की है। सीरिया पर हवाइ हमला करते हुए अमरीका ने इस कार्रवाई में फ्रांस और इंग्लैड को भी शामिल कर लिया है। आपको बताते चलें कि ट्रंप ने सीरिया पर एयर स्ट्राइक का आदेश दिया। सीरिया के पूर्वी गोता के दोउमा में हाल में सीरिया की ओर से रसायनिक हथियारों के इस्तेमाल को लेकर अमरीका ने पहले ही असद सरकार को चेतावनी दी थी। इस हमले में बच्चों सहित 75 लोग मारे गए थे।
असद को ट्रंप ने कहा था जानवर
रासायनिक हमले को लेकर गुस्साए ट्रंप ने सीरिया के राष्ट्रपति असद को ‘जानवर’ कहकर संबोधित किया था। हालांकि १२ अप्रैल को सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने सीरिया पर हमले को लेकर पश्चिमी देशों को चेतावनी दी और कहा कि दोउमा पर संदिग्ध रासायनिक हमले के आरोप गलत और झूठे हैं।