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विजय दिवस पर रूस ने दिखाई सैन्य ताकत, पुतिन बोले- किसी को डराना नहीं, विजेताओं का सम्मान करना था मकसद

विजय दिवस के मौके पर पूरे रूस में परेड व कार्यक्रम आयोजित किए गए। हर साल 9 मई को रूस में विजय दिवस मनाया जाता है। 9 मई को ही द्वितीय विश्व युद्ध में सोवियत सेना ने नाजी जर्मनी को हराया था।

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रूस विजय दिवस

विजय दिवस पर रूस ने दिखाई सैन्य ताकत, पुतिन बोले- किसी को डराना नहीं, विजेताओं का सम्मान करना था मकसद

मॉस्को।रूस ( Russia ) ने गुरुवार को बड़े ही हर्ष के साथ विजय दिवस मनाया और इस मौके पर सैन्य परेड कार्यक्रम भी आयोजित किया। इस परेड के जरिए रूस ने पूरी दुनिया को अपनी सैन्य क्षमता को दिखाने की कोशिश की। एक बार फिर से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ( Russian President Vladimir Putin ) ने कसम खाई कि रूस की सैन्य क्षमता को वह पूरे देश को दिखाएंगे। बता दें कि रूस हर साल 9 मई को विजय दिवस मनाता है। 9 मई के ही दिन द्वितीय विश्व युद्ध में जीत नाजी जर्मनी पर विजय हालिल की थी। इसलिए इस युद्ध में शहीद हुए वीर सैनिकों की शहादत को याद करने के लिए रूस विजय दिवस ( Victory Day ) के रूप में मनाता है। गुरुवार को रेड स्क्वायर पर हजारों सैनिकों और दिग्गजों के बीच राष्ट्रपति पुतिन का भाषण एक वार्षिक परेड की शुरुआत के साथ हुआ, जिसमें मॉस्को की सड़कों पर सैन्य हार्डवेयर रोल के सौ टुकड़ी देखने को मिले।

VIDEO: रूस ने मनाया 'विजय दिवस', पारंपरिक परेड में विश्व को दिखाया सैन्य क्षमता

हमारे सैन्य बल के पास कुछ भी करने की क्षमता है: पुतिन

राष्ट्रपति पुतिन ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले युद्ध का सबक एक बार फिर से प्रासंगिक है। हमने अपने सशस्त्र बलों की उच्च क्षमताओं की गारंटी के लिए यह सब किया है और आगे भी करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि जो भी रूस के आधुनिक सेना में है वे सोवियत सेना की शपथ को याद रखें, जो कि नाजी जर्मनी ( Germany ) के खिलाफ लड़ा था। पुतिन ने कहा कि हम मर जाएंगे लेकिन समर्पन नहीं करेंगे। समारोह में 88 वर्षीय सोवियत नेता मिखाइल गोर्बाचेव और हॉलीवुड अभिनेता स्टीवन सीगल ने पुतिन पर अपना समर्थन जताया। इस वर्ष पश्चिम के साथ तनाव और रूस-अमरीका ( America ) के बीच हथियारों की नई दौड़ की आशंका के बीच 1945 की जीत का जश्न मनाने के लिए दो दिवसीय सार्वजनिक अवकाश है। यह परेड और समारोह रूस के हर शहर और नगर में मनाया गया। एक टेलीविजन साक्षात्कार में, पुतिन ने कहा कि इस तरह की घटनाओं का उद्देश्य 'कृपाण-खड़खड़ाना या किसी को डराना' नहीं था, बल्कि 'विजेताओं का सम्मान करना' था। आपको बता दें कि रूस के विजय दिवस समारोह में भारतीय सेना ने भी परेड किया। इस परेड पर सबकी नजर टिकी रही।

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